गरियाबंद।देश को नशामुक्त बनाने और युवाओं को स्वस्थ एवं सशक्त भविष्य की ओर प्रेरित करने के उद्देश्य से भारत सरकार द्वारा शुरू किए गए “नशामुक्त युवा फॉर विकसित भारत संकल्प अभियान” के तहत गरियाबंद जिले में गांधी मैदान में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में स्कूली छात्र-छात्राओं ने हाथों में तख्तियां लेकर नशे के विरुद्ध रैली निकाली और लोगों को नशे से दूर रहने का संदेश दिया। यह अभियान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा राष्ट्रव्यापी स्तर पर शुभारंभ किए गए 100 सप्ताह के जनभागीदारी अभियान का हिस्सा है।
रैली के दौरान विद्यार्थियों ने “नशा छोड़ो, देश जोड़ो”, “स्वस्थ युवा, विकसित भारत” जैसे नारों के साथ शहर में जनजागरूकता फैलाते हुए लोगों से नशे के खिलाफ आगे आने की अपील की। कार्यक्रम में नगर पालिका परिषद गरियाबंद के पार्षद सुरेंद्र सोनटेके मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने उपस्थित छात्र-छात्राओं एवं नागरिकों को जीवनभर नशे से दूर रहने तथा दूसरों को भी इसके प्रति जागरूक करने की शपथ दिलाई।
अपने संबोधन में पार्षद सुरेंद्र सोनटेके ने कहा कि विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा, जब देश का युवा शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रहेगा। उन्होंने युवाओं से समाज में नशे के विरुद्ध जनजागरण अभियान को जन-आंदोलन बनाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में नगर पालिका परिषद के पार्षद संदीप सरकार, रेणुका साहू तथा ब्लॉक नोडल अधिकारी संजीव साहू सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी, शिक्षक एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
इधर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अभियान का राष्ट्रीय शुभारंभ करते हुए युवाओं से नशामुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए युवाओं का नशे जैसी विनाशकारी आदतों से दूर रहना बेहद आवश्यक है। प्रधानमंत्री ने बताया कि यह अभियान अगले 100 सप्ताह तक देशभर में विभिन्न जागरूकता गतिविधियों के माध्यम से संचालित किया जाएगा।
अभियान के तहत शासकीय वीर सुरेंद्र साय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, गरियाबंद में भी प्रधानमंत्री के संबोधन का सीधा प्रसारण किया गया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं, राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के स्वयंसेवकों और शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। विद्यार्थियों ने संकल्प लिया कि वे स्वयं नशे से दूर रहेंगे और अपने गांवों तथा समाज में भी लोगों को नशामुक्त भारत अभियान से जोड़ने का कार्य करेंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि युवाओं की सक्रिय भागीदारी और सामाजिक जागरूकता के माध्यम से ही नशे जैसी गंभीर सामाजिक बुराई पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है। ऐसे जन-अभियान समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकते हैं।

