नई दिल्ली। देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET UG 2026 एक बार फिर विवादों में घिर गई है। कथित पेपर लीक मामले ने लाखों छात्रों और अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म खासकर Telegram चैनलों पर पेपर लीक से जुड़े संदेश वायरल होने के बाद केंद्र सरकार ने बड़ा एक्शन शुरू कर दिया है।

केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan ने बुधवार को एक हाई-लेवल बैठक बुलाई, जिसमें सुरक्षा एजेंसियों, NTA अधिकारियों और टेक कंपनियों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। बैठक में परीक्षा प्रणाली को सुरक्षित बनाने और फर्जी “पेपर लीक” नेटवर्क पर कार्रवाई को लेकर चर्चा हुई।
Telegram चैनलों पर जांच तेज
जांच एजेंसियों के अनुसार कई Telegram ग्रुप और सोशल मीडिया अकाउंट “100% Genuine Paper” जैसे दावे कर छात्रों को गुमराह कर रहे थे। रिपोर्ट्स के मुताबिक कुछ गिरोह छात्रों और अभिभावकों से लाखों रुपये लेकर पेपर उपलब्ध कराने का दावा कर रहे थे।
सरकार ने Meta, Google और Telegram जैसी बड़ी टेक कंपनियों से भी सहयोग मांगा है ताकि फर्जी पोस्ट, अफवाह और परीक्षा से जुड़ी गलत जानकारी को तुरंत हटाया जा सके।
लाखों छात्रों का भविष्य दांव पर
इस विवाद के बाद देशभर में छात्रों ने प्रदर्शन शुरू कर दिया है। कई छात्र संगठनों ने परीक्षा रद्द कर दोबारा आयोजित करने की मांग की है। वहीं अभिभावकों का कहना है कि लगातार पेपर लीक की घटनाओं से मेहनती छात्रों का भविष्य खतरे में पड़ रहा है।
सूत्रों के अनुसार जांच एजेंसियों को कुछ राज्यों में संगठित नेटवर्क के संकेत मिले हैं। राजस्थान, बिहार और अन्य राज्यों में कई संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है। CBI भी पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।
अगले साल से Online हो सकती है परीक्षा
पेपर लीक विवाद के बाद केंद्र सरकार NEET परीक्षा प्रणाली में बड़े बदलाव की तैयारी कर रही है। रिपोर्ट्स के अनुसार सुरक्षा बढ़ाने के लिए आने वाले वर्षों में परीक्षा को Computer-Based Test (CBT) मोड में कराया जा सकता है।
शिक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
लगातार सामने आ रहे पेपर लीक मामलों ने देश की परीक्षा व्यवस्था और NTA की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल सिक्योरिटी, प्रश्नपत्र वितरण और परीक्षा केंद्रों की निगरानी को और मजबूत करने की जरूरत है।
अब पूरे देश की नजर सरकार और जांच एजेंसियों की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है। लाखों छात्र उम्मीद कर रहे हैं कि उन्हें निष्पक्ष और पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था मिलेगी।


