मैनपुर : गरियाबंद जिले के मैनपुर नगर में मंगलवार की सुबह उस वक्त भारी दहशत और अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब एक पागल कुत्ते ने अचानक लोगों पर जानलेवा हमला कर दिया। इस खौफनाक घटना में महिलाओं और बच्चियों सहित कुल 8 लोग बुरी तरह से घायल हो गए हैं। घटना के बाद से पूरे इलाके में खौफ का साया है।
घायलों का अस्पताल में इलाज जारी, दो रेफर
हमले के तुरंत बाद, परिजनों और स्थानीय निवासियों ने तत्परता दिखाते हुए सभी घायलों को प्राथमिक उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) मैनपुर पहुंचाया।
स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सकों ने तुरंत घायलों का उपचार शुरू किया और उन्हें आवश्यक एंटी-रेबीज इंजेक्शन (ARV) लगाए।
घायलों में से दो लोगों की स्थिति बेहद गंभीर थी। उनकी नाजुक हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर और सघन इलाज के लिए जिला अस्पताल, गरियाबंद रेफर कर दिया है।
फिलहाल स्वास्थ्य विभाग मुस्तैदी से बाकी घायलों का उपचार कर रहा है।
युवाओं ने किया कुत्ते का खात्मा
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, यह पागल कुत्ता सड़क पर राह चलते लोगों पर अचानक झपट रहा था। इस अप्रत्याशित हमले में सबसे अधिक शिकार महिलाएं और छोटी बच्चियां बनीं। लगातार हो रहे हमलों से लोगों में चीख-पुकार मच गई थी।
हालात बेकाबू होते देख नगर के कुछ स्थानीय युवाओं ने हिम्मत जुटाई। भारी मशक्कत और सूझबूझ के बाद युवाओं ने उस पागल कुत्ते को घेरकर मार गिराया। कुत्ते के मारे जाने के बाद ही नगरवासियों ने राहत की सांस ली और अन्य लोग इसका शिकार होने से बच गए।
संक्रमण फैलने का बढ़ा खतरा
भले ही कुत्ते को मार दिया गया हो, लेकिन इलाके में एक नई चिंता ने जन्म ले लिया है। प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के अनुसार, मरने से पहले उस पागल कुत्ते ने इलाके के कुछ मवेशियों और अन्य आवारा कुत्तों को भी काट लिया था।
अब ग्रामीणों को डर सता रहा है कि रेबीज के संक्रमण से वे जानवर भी आक्रामक और खतरनाक हो सकते हैं, जो भविष्य में किसी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकते हैं।
प्रशासन से ग्रामीणों की प्रमुख मांगें
इस गंभीर खतरे को भांपते हुए स्थानीय ग्रामीणों ने प्रशासन और पशुपालन विभाग से तत्काल हस्तक्षेप की अपील की है। उनकी प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं:
निगरानी: पूरे प्रभावित क्षेत्र में प्रशासन द्वारा विशेष निगरानी दल तैनात किया जाए।
जानवरों की जांच: पागल कुत्ते का शिकार हुए मवेशियों और अन्य कुत्तों की तुरंत पहचान कर उनकी मेडिकल जांच और उपचार किया जाए।
वैक्सीन की पर्याप्तता: अस्पताल में एंटी-रेबीज वैक्सीन का पर्याप्त स्टॉक एनी-टाइम उपलब्ध रखा जाए ताकि भविष्य में किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके।
प्रशासन को अब जल्द से जल्द इस मामले में कदम उठाने की आवश्यकता है ताकि मैनपुर के लोगों में व्याप्त भय को खत्म किया जा सके और किसी भी अप्रिय स्थिति को समय रहते टाला जा सके।





