गरियाबंद। गरियाबंद वनमंडल के अंतर्गत वन परिक्षेत्र गरियाबंद के ग्राम केरावाहारा (ग्राम पंचायत जोवा) में पिछले कई दिनों से ग्रामीणों के लिए दहशत का कारण बना तेंदुआ आखिरकार वन विभाग द्वारा लगाए गए केज ट्रैप (पिंजरे) में सुरक्षित रूप से कैद हो गया। वन विभाग की सतर्क निगरानी और त्वरित कार्रवाई से संभावित मानव-वन्यजीव संघर्ष को टालने में बड़ी सफलता मिली।
वनमंडलाधिकारी ससिगानंदन के. ने बताया कि तेंदुआ पहले क्षेत्र में कई बार पालतू मवेशियों पर हमला कर चुका था और स्कूल परिसर व आबादी के आसपास उसकी मौजूदगी की लगातार सूचना मिल रही थी। इसे देखते हुए विभाग ने विशेष निगरानी शुरू करते हुए ग्राम जोवा और केरावाहारा में केज ट्रैप लगाए थे। साथ ही प्रशिक्षित लेपर्ड रेस्क्यू टीम को भी तैनात किया गया था।
शुक्रवार को तेंदुआ सुरक्षित रूप से पिंजरे में फंस गया। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और पिंजरे को सुरक्षित करते हुए तेंदुए की गतिविधियों और स्वास्थ्य पर निगरानी शुरू कर दी। एहतियात के तौर पर मौके पर भीड़ एकत्र होने से रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था भी की गई।
वन विभाग के अनुसार पकड़े गए तेंदुए का तीन सदस्यीय पशु चिकित्सक दल स्वास्थ्य परीक्षण कर रहा है। जांच में उसकी शारीरिक स्थिति, संभावित चोट या बीमारी तथा प्राकृतिक आवास में छोड़े जाने की उपयुक्तता का आकलन किया जाएगा। विशेषज्ञों की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई वन्यजीव नियमों के तहत की जाएगी।
वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों पर विश्वास न करें और वन्यजीव से जुड़ी कोई भी सूचना तुरंत निकटतम वन अमले को दें। विभाग ने स्पष्ट किया है कि मानव जीवन और वन्यजीव दोनों की सुरक्षा उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।

