गरियाबंद: छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले से वन्यजीव तस्करी का एक ऐसा मामला सामने आया है जिसे सुनकर हर कोई दंग है। Gariaband Elephant Tusk Smuggling के इस सनसनीखेज मामले में एंटी-पोचिंग टीम ने न केवल तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, बल्कि एक ऐसे ‘सीक्रेट चैंबर’ का पर्दाफाश किया है जिसे आरोपियों ने पुलिस और वन विभाग की नजरों से बचने के लिए बनाया था। यह मामला उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व (USTR) के बफर क्षेत्र का है, जहां एक घर की दीवार के भीतर बेशकीमती हाथी का दांत छिपाकर रखा गया था।
कैसे शुरू हुई Gariaband Elephant Tusk Smuggling पर कार्रवाई?
पूरी कार्रवाई एक बेहद गोपनीय इनपुट के साथ शुरू हुई। वन विभाग की विशेष टीम को मुखबिर से सूचना मिली थी कि कुल्हाड़ीघाट क्षेत्र के ग्राम सिहार निवासी पदमन के पास वन्यजीवों के अंगों की अवैध खेप मौजूद है। इस सूचना की गंभीरता को देखते हुए उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व के सहायक संचालक के मार्गदर्शन में एक त्वरित कार्यबल (Task Force) का गठन किया गया।
जब टीम ने पदमन के घर पर दबिश दी, तो शुरुआत में कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला। लेकिन जब घर की दीवारों और बाड़ी की सघन तलाशी ली गई, तो टीम को एक दीवार की बनावट में कुछ फर्क नजर आया। शक होने पर जब उस दीवार की खुदाई शुरू की गई, तो अधिकारी भी हैरान रह गए। दीवार के भीतर कंक्रीट और मिट्टी के बीच सावधानी से चुनवाकर रखा गया एक असली हाथी का दांत बरामद हुआ।

4 साल से दीवार में दफन था ‘सफेद सोना’
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने स्वीकार किया कि Gariaband Elephant Tusk Smuggling का यह खेल पिछले चार वर्षों से चल रहा था। मुख्य आरोपी ने बताया कि उसने इस हाथी दांत को साल 2021 से ही अपने घर की दीवार में छिपाकर रखा था। वह सही ग्राहक और सही कीमत का इंतजार कर रहा था ताकि इसे अंतरराष्ट्रीय बाजार में मोटी रकम पर बेचा जा सके। तस्करों ने सोचा था कि दीवार के अंदर कोई भी तलाशी नहीं लेगा, लेकिन वन विभाग की मुस्तैदी ने उनके मंसूबों पर पानी फेर दिया।
गिरफ्तार आरोपियों का काला चिट्ठा
इस मामले में वन विभाग ने तीन मुख्य किरदारों को दबोचा है:
पदमन: जिसके घर की दीवार से दांत बरामद हुआ।
पुसऊराम: जो इलाके का आदतन शिकारी बताया जा रहा है।
सुखचंद: जो इस तस्करी के नेटवर्क को ग्राहक ढूंढने में मदद कर रहा था।
चौंकाने वाली बात यह है कि आरोपी पुसऊराम पहले भी वन्यजीव अपराधों में शामिल रहा है। वह इसी साल दडईपानी क्षेत्र में हुए सांभर के अवैध शिकार मामले में मुख्य आरोपी था और फिलहाल जमानत पर बाहर चल रहा था। जमानत की अवधि के दौरान ही दोबारा Gariaband Elephant Tusk Smuggling जैसे गंभीर अपराध में लिप्त होना सिस्टम के लिए एक बड़ी चुनौती है।
हाथी-मानव द्वंद्व और मौत का कनेक्शन
इस जांच में एक भावुक और गंभीर मोड़ तब आया जब आरोपी सुखचंद ने बताया कि यह दांत उसे साल 2021 में गंगाराम नाम के व्यक्ति ने दिया था। रिकॉर्ड खंगालने पर पता चला कि गंगाराम की मौत सितंबर 2022 में एक जंगली हाथी के हमले (Human-Elephant Conflict) में हुई थी। अब वन विभाग इस बात की जांच कर रहा है कि क्या उस समय हुई हाथी की मौत स्वाभाविक थी या इन शिकारियों ने दांत के लालच में हाथी को निशाना बनाया था।
सच्चाई का पता लगाने के लिए वन विभाग ने बरामद दांत के सैंपल भारतीय वन्यजीव संस्थान (WII), देहरादून भेजने का निर्णय लिया है। वहां होने वाली DNA जांच से यह स्पष्ट हो जाएगा कि यह दांत किस विशिष्ट हाथी का है और क्या वह विभाग के डेटाबेस में मौजूद किसी मृत हाथी से मेल खाता है।
बरामदगी की सूची: सिर्फ दांत नहीं, हथियारों का जखीरा भी मिला
छापेमारी के दौरान टीम ने केवल हाथी दांत ही नहीं, बल्कि शिकार में इस्तेमाल होने वाले पारंपरिक हथियारों का पूरा जखीरा बरामद किया है:
01 असली हाथी दांत (ठोस अवस्था में)
02 बड़े धनुष और 12 घातक तीर
01 विशेष पक्षी मारक धनुष
02 गुलेल और जंगली सुअर के दांत
वन्यजीवों के बालों का गुच्छा और अन्य शिकार उपकरण
यह बरामदगी साबित करती है कि यह कोई छोटा-मोटा मामला नहीं है, बल्कि यह गिरोह लंबे समय से उदंती सीतानदी के जंगलों में वन्यजीवों का काल बना हुआ था।
वन विभाग की सख्त चेतावनी
उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व के अधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि वन्यजीव संरक्षण अधिनियम (Wildlife Protection Act) के तहत आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई की जा रही है। Gariaband Elephant Tusk Smuggling के इस नेटवर्क के पीछे अगर कोई बड़ा गिरोह या अंतरराष्ट्रीय लिंक मिलता है, तो उसे भी ध्वस्त किया जाएगा। वन विभाग ने स्थानीय ग्रामीणों से अपील की है कि वे वन्यजीवों की सुरक्षा में सहयोग करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत विभाग को दें।
इस कार्रवाई ने तस्करी के बाजार में हड़कंप मचा दिया है। अब देखना यह होगा कि देहरादून से आने वाली DNA रिपोर्ट इस केस में और कौन से नए राज खोलती है।
FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न):
Q1. गरियाबंद में हाथी दांत कहां से मिला? A: यह हाथी दांत कुल्हाड़ीघाट क्षेत्र के एक घर की दीवार के अंदर छिपा हुआ मिला।
Q2. इस मामले में कितने लोग गिरफ्तार हुए हैं? A: अब तक कुल 3 आरोपियों (पदमन, पुसऊराम और सुखचंद) को गिरफ्तार किया गया है।
Q3. हाथी दांत की तस्करी में कौन सी धाराएं लगती हैं? A: इसमें वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया जाता है, जिसमें 7 साल तक की जेल हो सकती है।


