दुर्ग। जिला अस्पताल दुर्ग में चिकित्सकीय लापरवाही का एक गंभीर मामला सामने आया है। प्रदेश कांग्रेस सचिव अय्यूब खान ने अस्पताल के एक डॉक्टर पर मरीज को बिना उचित जांच के गंभीर बीमारी बताकर रेफर करने और परिजनों को भयभीत करने का आरोप लगाया है। मामले को लेकर उन्होंने सिविल सर्जन को लिखित शिकायत सौंपते हुए निष्पक्ष जांच और दोषी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
5 जून की रात करीब 11 बजे नीट परीक्षा की तैयारी कर रही छात्रा आलिया खान को तेज बुखार की शिकायत होने पर जिला अस्पताल लाया गया था। आरोप है कि ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर ने बिना पर्याप्त जांच किए छात्रा की स्थिति को गंभीर बताते हुए उसकी किडनी और लीवर खराब होने की बात कही तथा उसे तत्काल रायपुर स्थित मेकाहारा अस्पताल रेफर कर दिया।

परिजनों का कहना है कि डॉक्टर की बात सुनकर वे घबरा गए और छात्रा को मेकाहारा ले जाने के बजाय निजी अस्पताल चंदूलाल चंद्राकर अस्पताल में भर्ती कराया। वहां विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा की गई जांच में छात्रा को केवल सामान्य वायरल बुखार होना पाया गया। आवश्यक उपचार के बाद उसकी स्थिति में सुधार हुआ और वह स्वस्थ होकर घर लौट आई।

इस घटना के बाद प्रदेश कांग्रेस सचिव अय्यूब खान ने एक प्रतिनिधिमंडल के साथ जिला अस्पताल पहुंचकर सिविल सर्जन डॉ. मिंज से मुलाकात की और पूरे मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में डॉक्टर पर मरीज और परिजनों को गुमराह करने, दुर्व्यवहार करने तथा बिना पर्याप्त चिकित्सकीय परीक्षण के रेफर करने का आरोप लगाया गया है।
सिविल सर्जन डॉ. मिंज ने शिकायत प्राप्त होने की पुष्टि करते हुए दो दिनों के भीतर मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।
अय्यूब खान ने कहा कि यदि ऐसे मामलों में समय रहते कठोर कार्रवाई नहीं की गई तो आम लोगों का सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य व्यवस्था पर से विश्वास उठ जाएगा। उन्होंने कहा कि गरीब और जरूरतमंद लोग सरकारी अस्पतालों पर भरोसा करके उपचार के लिए पहुंचते हैं, ऐसे में चिकित्सकीय लापरवाही किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है।
प्रतिनिधिमंडल में मो. रफीक, अज्जू वाजिद, रुक्कैया, अनीस अकील चौहान और अख्तर चौहान सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।





