मैनपुर। विश्व बाघ दिवस के अवसर पर 30 जुलाई 2026 को शासकीय हाई स्कूल इंदागांव में वन विभाग की ओर से जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं को बाघ संरक्षण, वन एवं वन्यप्राणियों के संरक्षण-संवर्धन और जैव विविधता के महत्व की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों के लिए चित्रकला, निबंध एवं प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता आयोजित की गई। छात्र-छात्राओं ने प्रतियोगिताओं में उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया और अपनी रचनात्मकता एवं वन्यजीव संरक्षण से जुड़ी समझ को सामने रखा।
बाघ संरक्षण और जैव विविधता पर हुई परिचर्चा
कार्यक्रम में बाघ संरक्षण के महत्व के साथ-साथ वन एवं वन्यप्राणियों के संरक्षण और संवर्धन पर विस्तृत चर्चा की गई। विद्यार्थियों को बताया गया कि वन्यजीव और उनका प्राकृतिक आवास पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
बाघ संरक्षण के साथ उसके प्राकृतिक आवास और पूरे पारिस्थितिकी तंत्र की सुरक्षा भी जुड़ी हुई है। राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण के अनुसार वैज्ञानिक आधार पर बाघों, अन्य वन्यजीवों और उनके आवास की निगरानी एवं संरक्षण बाघ संरक्षण प्रयासों का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
प्रतियोगिताओं में बच्चों ने दिखाया उत्साह
जागरूकता कार्यक्रम के दौरान आयोजित चित्रकला प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने बाघ, जंगल और वन्यजीव संरक्षण से जुड़े विषयों को अपनी चित्रकारी के माध्यम से प्रस्तुत किया। वहीं निबंध प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने बाघ संरक्षण और पर्यावरण से जुड़े विषयों पर अपने विचार लिखे।
प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता के माध्यम से विद्यार्थियों से वन्यजीव, जंगल, बाघ और जैव विविधता से जुड़े सवाल पूछे गए। बच्चों ने इसमें उत्साह के साथ भाग लिया।
वन्यजीवों के प्रति संवेदनशील रहने का संदेश
कार्यक्रम में विद्यार्थियों को वन्यप्राणियों के प्रति संवेदनशील रहने और जंगल एवं प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण में अपनी भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया गया। विद्यार्थियों को यह संदेश दिया गया कि वन्यजीवों का संरक्षण केवल वन विभाग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज की सामूहिक जिम्मेदारी भी है।
वन विभाग की ओर से आयोजित ऐसे जागरूकता कार्यक्रमों का उद्देश्य बच्चों को कम उम्र से ही वन एवं वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूक करना है। Global Tiger Day भी बाघों और उनके आवास के संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से मनाया जाता है।
वन विभाग और स्कूल स्टाफ रहा मौजूद
कार्यक्रम में सहायक परिक्षेत्र अधिकारी, इंदागांव, वन विभाग के अन्य कर्मचारी, शासकीय हाई स्कूल इंदागांव के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाएं तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को वन्यजीव संरक्षण का संदेश देते हुए पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में बाघ सहित अन्य वन्यप्राणियों की भूमिका को समझाया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी ने इसे जागरूकता और सीखने के लिहाज से महत्वपूर्ण बनाया।







