छिंदोला पंचायत से वाहन की व्यवस्था कर बच्चों को जनपद पंचायत आधार केंद्र पहुंचाया, जन्म प्रमाण पत्र नहीं होने से 13 बच्चों का पंजीयन अटका
मैनपुर। सरकारी योजनाओं, स्कूल प्रवेश और भविष्य में जरूरी दस्तावेजों के लिए आधार कार्ड की अहमियत को देखते हुए ग्राम पंचायत छिंदोला में एक अनूठी पहल की गई। ग्राम पंचायत की सरपंच रमशिला नेताम ने ग्रामीणों और पंचायत अमले के सहयोग से छोटे बच्चों को वाहन से जनपद पंचायत स्थित आधार सेवा केंद्र पहुंचाकर उनका आधार कार्ड बनवाया। इस पहल के तहत 35 बच्चों को आधार केंद्र ले जाया गया, जिनमें से 22 बच्चों के आधार कार्ड बन गए, जबकि शेष बच्चों के जन्म प्रमाण पत्र नहीं होने अथवा अभिभावकों की अनुपस्थिति( स्वर्गवासी )होने के कारण प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। जिन बच्चो के अभिभावको का निधन हो गया है उनके आधार कार्ड बनाने के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला आधकारी के हस्ताक्षर के पश्चात आधार कार्ड बनाया जा सकता है। 
गरियाबंद जिला प्रशासन की ओर से इससे पूर्व में आधार पंजीयन के लिए शिविर आयोजित किया गया था, लेकिन जागरूकता के अभाव में कई ग्रामीण अपने बच्चों का आधार कार्ड नहीं बनवा सके। इसे गंभीरता से लेते हुए सरपंच रमशिला नेताम ने स्वयं पहल की और पंचायत के माध्यम से वाहन की व्यवस्था कर बच्चों को आधार सेवा केंद्र तक पहुंचाया।
सरपंच रमशिला नेताम ने बताया कि आधार कार्ड के बिना भविष्य में बच्चों को स्कूल में प्रवेश, छात्रवृत्ति, सरकारी योजनाओं और अन्य आवश्यक सेवाओं का लाभ लेने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। इसी उद्देश्य से समय रहते सभी बच्चों का आधार कार्ड बनवाने का प्रयास किया जा रहा है।


इस अभियान में एमटी दुलेश्वरी पटेल, स्वास्थ्य पंचायत समन्वयक पार्वती नागेश, प्यारवती तथा बसंती ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इन सभी ने ग्रामीणों को जागरूक करने, बच्चों और उनके अभिभावकों को जनपद पंचायत के आधार सेवा केंद्र तक पहुंचाने तथा आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने में सक्रिय सहयोग दिया।
ग्राम पंचायतछिंदोला की यह पहल विशेष इसलिए भी मानी जा रही है क्योंकि सरपंच रमशिला नेताम जो कि स्वयं विशेष पिछड़ी कमार जनजाति से आती हैं। उन्होंने अपने समाज के बच्चों को भविष्य में किसी भी सरकारी सुविधा से वंचित न रहना पड़े, इसके लिए दस्तावेजी पहचान सुनिश्चित करने की दिशा में यह प्रयास किया। जिले में इस पहल को ग्रामीण जागरूकता और जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी का सकारात्मक उदाहरण माना जा रहा है।

