सिनापाली (ओडिशा)। पत्रकारिता की कोई सीमा नहीं होती, उसका उद्देश्य समाज के सामने सच्चाई लाना और आम जनता की आवाज शासन-प्रशासन तक पहुंचाना है। इसी उद्देश्य को लेकर ओडिशा-छत्तीसगढ़ सीमावर्ती क्षेत्र में दोनों राज्यों के पत्रकारों की एक समन्वय बैठक आयोजित की गई। वरिष्ठ पत्रकार संतोष कुमार बाग की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में पत्रकारों की एकता, सुरक्षा, अधिकारों और सीमावर्ती क्षेत्रों की जनसमस्याओं को प्रमुखता से उठाने पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में वक्ताओं ने कहा कि पत्रकारों की एकजुटता ही लोकतंत्र के चौथे स्तंभ का सबसे बड़ा सुरक्षा कवच है।
बैठक में ओडिशा के नुआपाड़ा जिले के सिनापाली ब्लॉक के पत्रकारों के साथ छत्तीसगढ़ के देवभोग, गरियाबंद और मैनपुर तथा ओडिशा के कालाहांडी जिले के धर्मगढ़ और नबरंगपुर जिले के चंदाहांडी क्षेत्र से बड़ी संख्या में पत्रकार शामिल हुए। इस दौरान सभी पत्रकार साथियों को अंगवस्त्र भेंटकर सम्मानित किया गया।
पत्रकारों की सुरक्षा, अधिकार और स्वतंत्रता पर हुई चर्चा
बैठक में पत्रकारिता के वर्तमान स्वरूप, बदलती चुनौतियों और पत्रकारों के सामने आने वाली समस्याओं पर विचार-विमर्श किया गया। वक्ताओं ने कहा कि लोकतंत्र में पत्रकारिता की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। पत्रकार समाज की समस्याओं, अन्याय और प्रशासनिक खामियों को सामने लाने का काम करते हैं। ऐसे में पत्रकारों की सुरक्षा, स्वतंत्रता और सम्मान सुनिश्चित होना जरूरी है।
वरिष्ठ पत्रकारों ने कहा कि सत्य, निर्भीक और निष्पक्ष पत्रकारिता के माध्यम से आम जनता की आवाज शासन-प्रशासन और सरकार तक पहुंचाना प्रत्येक पत्रकार का प्रमुख दायित्व है। पत्रकारिता केवल समाचार प्रकाशित करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज के प्रति जवाबदेही निभाने और जनहित के मुद्दों को मजबूती से उठाने का माध्यम भी है।
सीमावर्ती क्षेत्रों की समस्याओं को प्राथमिकता से उठाने पर जोर
बैठक में ओडिशा और छत्तीसगढ़ के सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों की समस्याओं को लेकर विशेष चर्चा हुई। वक्ताओं ने कहा कि दोनों राज्यों की सीमा से लगे गांवों में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, परिवहन और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी समस्याएं हैं। इन मुद्दों को पत्रकारों को प्राथमिकता के साथ समाचारों में स्थान देना चाहिए, ताकि संबंधित विभागों और प्रशासन का ध्यान इनकी ओर आकर्षित हो सके।
इसके साथ ही दोनों राज्यों के पत्रकारों के बीच सूचनाओं के आदान-प्रदान, आपसी सहयोग और समन्वित पत्रकारिता को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों की समस्याएं कई बार प्रशासनिक सीमाओं के कारण अनदेखी रह जाती हैं। ऐसे में दोनों राज्यों के पत्रकार मिलकर इन मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठा सकते हैं।
राज्यों की सीमाएं अलग, लेकिन पत्रकारिता का उद्देश्य एक
बैठक में उपस्थित वरिष्ठ पत्रकारों ने कहा कि ओडिशा और छत्तीसगढ़ की भौगोलिक सीमाएं भले ही अलग हों, लेकिन पत्रकारिता का उद्देश्य एक ही है। सत्य को समाज के सामने प्रस्तुत करना और जनहित की आवाज बुलंद करना पत्रकारों की साझा जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि पत्रकारों के बीच आपसी सम्मान, भाईचारा और सहयोग की भावना मजबूत होनी चाहिए। किसी भी पत्रकार की समस्या को केवल व्यक्तिगत समस्या नहीं समझना चाहिए, बल्कि पत्रकार समाज के हित से जोड़कर उसका समाधान करने का प्रयास होना चाहिए।
बैठक में पत्रकारों के हितों की रक्षा, उनकी व्यावसायिक समस्याओं के समाधान और पत्रकार समाज को संगठित करने की आवश्यकता पर भी विचार रखे गए। अंत में उपस्थित सभी पत्रकारों ने आपसी एकता और सहयोग के साथ जनहित के मुद्दों को मिलकर उठाने का संकल्प लिया।
छत्तीसगढ़ और ओडिशा के पत्रकार रहे उपस्थित
बैठक में छत्तीसगढ़ के देवभोग से वरिष्ठ पत्रकार पुरुषोत्तम पात्र, मनमोहन नेताम, गिरीश जगत और रमेश सोनी तथा मैनपुर से राधे पटेल शामिल हुए।
वहीं ओडिशा के कालाहांडी जिले के धर्मगढ़ से वरिष्ठ पत्रकार बिरंचि जाल, अंशुमान पात्र, बैद्यनाथ बेहेरा और सुब्रत पंडा तथा नबरंगपुर जिले के चंदाहांडी से पीतांबर सोरी, मदन हियाल और अर्जुन चंडी सहित अनेक पत्रकार उपस्थित रहे। सभी ने पत्रकारिता की चुनौतियों, स्वतंत्रता और पत्रकारों के हितों से जुड़े विषयों पर अपने विचार रखे।
आयोजन में इनकी रही महत्वपूर्ण भूमिका
कार्यक्रम के संचालन और आयोजन में सिनापाली प्रेस क्लब के पत्रकार अजीत जोशी, जगन्नाथ पत्रकार संघ के अध्यक्ष जगन्नाथ सागर सहित वरिष्ठ पत्रकार शुभ्रांशु नायक, राहुल राणा, बिहारी लाल जगत, बनबिहारी मेहेर, सुशांत नायक, चिंतामणि नेताम और धर्मेंद्र गहीर की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
अंत में सभी पत्रकारों ने एकमत होकर कहा कि आपसी एकता, सम्मान और सहयोग के माध्यम से ही लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को मजबूत और सुरक्षित बनाया जा सकता है। सीमाओं से परे पत्रकारों का यह आपसी समन्वय जनहित की पत्रकारिता को नई मजबूती देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।




