राधे पटेल / गरियाबंद मैनपुर | जिले के मैनपुर विकासखंड के अंतर्गत आने वाले ग्राम गौरघाट स्थित शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला में शिक्षकों की भारी कमी के चलते बच्चों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। शिक्षण सत्र 2025-26 से यह माध्यमिक शाला एकल शिक्षकीय होकर रह गई है। अध्यापन व्यवस्था चरमराने से आक्रोशित ग्रामीणों और पंचायत प्रतिनिधियों ने विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) कार्यालय पहुंचकर एक ज्ञापन सौंपा है और जल्द नए शिक्षकों की पदस्थापना की मांग की है।

82 बच्चों पर केवल 3 शिक्षक, पढ़ाई हो रही प्रभावित
प्राप्त आवेदन पत्र में दी गई जानकारी के मुताबिक, प्राथमिक शाला का विलय माध्यमिक शाला में होने के बावजूद शिक्षकों की कमी दूर नहीं हो सकी है। वर्तमान स्थिति यह है कि प्राथमिक शाला में 53 बच्चे और माध्यमिक शाला में 29 बच्चे दर्ज हैं (कुल दर्ज संख्या 82 छात्र)। इन दोनों स्कूलों को मिलाकर कुल तीन शिक्षक ही पदस्थ हैं (दो प्राथमिक और एक माध्यमिक के)।
ग्रामीणों ने अपनी शिकायत में तर्क दिया है कि यदि प्राथमिक शाला के शिक्षक माध्यमिक के बच्चों को पढ़ाने जाते हैं, तो प्राथमिक शाला के छात्रों का अध्यापन कार्य पूरी तरह से ठप हो जाएगा, जिससे उनकी नींव कमजोर होगी।
प्रशासन को 15 दिन का अल्टीमेटम
ज्ञापन में ग्राम पंचायत गोपालपुर के सरपंच और गौरघाट के समस्त ग्रामवासियों ने प्रशासन को सख्त चेतावनी दी है। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया है कि यदि 15 दिनों के भीतर शासकीय माध्यमिक शाला में अध्यापन कार्य हेतु दो नए शिक्षकों की व्यवस्था नहीं की जाती है, तो समस्त ग्रामवासी स्कूल में उग्र प्रदर्शन कर तालाबंदी करने के लिए बाध्य होंगे। इस अप्रिय स्थिति की संपूर्ण जवाबदेही प्रशासन की होगी।
समस्या के त्वरित निराकरण के लिए ग्रामीणों ने इस आवेदन की प्रतिलिपि गरियाबंद कलेक्टर और जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) को भी सूचनार्थ प्रेषित की है। ज्ञापन सौंपने के दौरान सरपंच सहित शेखर, नरेश, लक्ष्मण और अन्य ग्रामीण बड़ी संख्या में मौजूद रहे।

