मैनपुर। विशेष न्यायाधीश (एन.डी.पी.एस. एक्ट) रायपुर की अदालत ने गरियाबंद जिले के मैनपुर थाना क्षेत्र में मादक पदार्थ की तस्करी के एक मामले में अहम फैसला सुनाया है। न्यायालय ने उड़ीसा निवासी आरोपी सिद्धेश्वर नायक को 6.5 किलो गांजा अवैध रूप से रखने के आरोप में दोषी करार देते हुए 6 वर्ष के कठोर कारावास और 60,000 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
घटना का विवरण
यह मामला 20 नवंबर 2025 का है। मैनपुर पुलिस को मुखबिर के माध्यम से सूचना मिली थी कि मैनपुर बस स्टैंड के पास एक व्यक्ति नीले रंग के पिट्ठू बैग में गांजा रखकर बेचने की फिराक में है और ग्राहक का इंतजार कर रहा है।
सूचना की तस्दीक के बाद पुलिस टीम ने गवाहों के साथ मौके पर पहुंचकर संबंधित व्यक्ति को हिरासत में लिया। पूछताछ में उसने अपना नाम सिद्धेश्वर नायक (37 वर्ष), निवासी कालाहांडी (उड़ीसा) बताया।
6.5 किलो गांजा की जब्ती
एनडीपीएस एक्ट की धारा 50 के तहत वैधानिक प्रक्रिया पूरी करते हुए पुलिस ने आरोपी के बैग की तलाशी ली। बैग के अंदर स्लेटी रंग के टेप में लिपटा हुआ 6 किलो 500 ग्राम गांजा बरामद किया गया। इसके बाद पुलिस ने अपराध क्रमांक 164/2025 दर्ज कर चालान विशेष न्यायालय में प्रस्तुत किया था।
न्यायालय का फैसला और सजा
मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश (एन.डी.पी.एस. एक्ट) श्री शैलेश शर्मा की अदालत में हुई। अभियोजन पक्ष ने अपने गवाहों और सबूतों के माध्यम से न्यायालय में आरोप सिद्ध किए।
वहीं, बचाव पक्ष की ओर से दलील दी गई कि आरोपी ट्रांसपोर्ट का काम कर परिवार का भरण-पोषण करता है। यह भी निवेदन किया गया कि बरामद गांजे की मात्रा कम है और आरोपी पहले भी जेल में समय बिता चुका है, इसलिए सजा कम की जाए।
सभी साक्ष्यों और परिस्थितियों का अवलोकन करने के बाद, अदालत ने 28 जुलाई 2026 को अपना निर्णय सुनाते हुए स्पष्ट किया:
आरोपी सिद्धेश्वर नायक को एन.डी.पी.एस. एक्ट की धारा-20(b)(ii) (B) के तहत दोषी माना गया।
उसे 6 वर्ष के सश्रम (कठोर) कारावास और 60,000 रुपये अर्थदंड की सजा दी गई है।
जुर्माना अदा न करने की स्थिति में दोषी को 6 माह का अतिरिक्त कठोर कारावास काटना होगा।
फैसला सुनाए जाने के समय आरोपी जमानत पर था। अदालत ने तत्काल प्रभाव से उसकी जमानत रद्द करते हुए सजा वारंट तैयार किया और उसे सजा काटने के लिए जेल भेज दिया है। आरोपी द्वारा पूर्व में (20.11.2025 से 05.02.2026 तक) जेल में बिताई गई अवधि को कुल सजा में से कम (मुजरा) किया जाएगा।



