भारत और पाकिस्तान के बीच एक बार फिर तनाव बढ़ता दिखाई दे रहा है। पाकिस्तान के सेना प्रमुख Asim Munir ने “ऑपरेशन सिंदूर” की पहली वर्षगांठ पर भारत को लेकर कड़ा बयान दिया, जिसके बाद दोनों देशों के बीच राजनीतिक और सैन्य बयानबाज़ी तेज हो गई है।
पाकिस्तान के रावलपिंडी स्थित जनरल हेडक्वार्टर (GHQ) में आयोजित कार्यक्रम के दौरान Asim Munir ने कहा कि यदि भविष्य में भारत की ओर से कोई “मिसएडवेंचर” किया गया, तो उसका जवाब “बहुत व्यापक, खतरनाक और दर्दनाक” होगा।
क्या है “ऑपरेशन सिंदूर”?
साल 2025 में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान और पीओके में आतंकी ठिकानों पर सैन्य कार्रवाई की थी, जिसे “Operation Sindoor” नाम दिया गया। भारत का कहना था कि यह कार्रवाई आतंकवादी ढांचे के खिलाफ थी, जबकि पाकिस्तान ने इसे अपनी संप्रभुता पर हमला बताया।
इस संघर्ष के दौरान दोनों देशों के बीच ड्रोन, मिसाइल और एयर स्ट्राइक जैसी सैन्य गतिविधियां हुई थीं। कई अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों के अनुसार यह हाल के वर्षों में दोनों परमाणु संपन्न देशों के बीच सबसे गंभीर तनावों में से एक था।
Asim Munir ने क्या कहा?
कार्यक्रम में पाकिस्तान सेना प्रमुख ने पिछले संघर्ष को “दो विचारधाराओं की लड़ाई” बताया और दावा किया कि पाकिस्तान की सैन्य रणनीति भारत से बेहतर थी। उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान भविष्य में किसी भी कार्रवाई का “कड़ा जवाब” देगा।
भारतीय सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह बयान घरेलू राजनीति और सेना की छवि मजबूत करने की कोशिश हो सकती है। वहीं भारतीय पक्ष ने पहले भी स्पष्ट किया है कि आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।
सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
Asim Munir के बयान के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व ट्विटर), फेसबुक और यूट्यूब पर #IndiaPakistan, #OperationSindoor और #AsimMunir जैसे हैशटैग तेजी से ट्रेंड करने लगे। टीवी डिबेट्स में भी सीमा सुरक्षा, आतंकवाद और दोनों देशों की सैन्य ताकत को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत और पाकिस्तान दोनों परमाणु शक्ति संपन्न देश हैं, इसलिए इस तरह की बयानबाज़ी क्षेत्रीय स्थिरता के लिए चिंता का विषय बन सकती है। कई अंतरराष्ट्रीय विश्लेषकों ने दोनों देशों से संयम बरतने की अपील की है। (Al Jazeera)
हालांकि फिलहाल किसी बड़े सैन्य टकराव की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन दोनों देशों के नेताओं और सैन्य अधिकारियों के बयानों ने एक बार फिर सीमा पर तनाव की आशंकाओं को बढ़ा दिया है। आने वाले दिनों में दोनों देशों की कूटनीतिक और सैन्य गतिविधियों पर दुनिया की नजर बनी रहेगी।

