रायपुर/गरियाबंद: छत्तीसगढ़ में मानसून की दस्तक से पहले प्रदेश सरकार और स्थानीय प्रशासन ने बुनियादी ढांचे को दुरुस्त करने के लिए कमर कस ली है। छत्तीसगढ़ सड़क मरम्मत और पुल सुरक्षा 2026 के तहत मुख्यमंत्री और विभागीय मंत्रियों ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि प्रदेश के सभी नेशनल हाईवे (NH) और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के कार्यों में तेज़ी लाई जाए।

बारिश से पहले पुल-पुलियों की अग्निपरीक्षा
बीते वर्षों में भारी बारिश के दौरान कई नए बने पुलों के धंसने और सड़कों के बहने की खबरें सामने आई थीं। इस बार प्रशासन किसी भी तरह की कोताही बरतने के मूड में नहीं है। लोक निर्माण विभाग (PWD) और सेतु निगम को निर्देश दिए गए हैं कि:

प्रदेश के सभी पुराने और निर्माणाधीन पुलों की स्ट्रक्चरल ऑडिट (Structural Audit) की जाए।
नदियों के पास स्थित सड़कों पर कटाव रोकने के लिए पुख्ता इंतजाम हों।
पुलियों के नीचे फंसी गंदगी और मलबे की सफाई तत्काल सुनिश्चित की जाए ताकि पानी की निकासी में बाधा न आए।
नेशनल हाईवे (NH) और PMGSY सड़कों की बदहाली पर लगाम
विशेषकर NH-130 और बस्तर-गरियाबंद रूट की सड़कों को लेकर यात्रियों में डर बना रहता है। इस अभियान के तहत खराब सड़कों के पैच वर्क (Patch Work) को प्राथमिकता दी जा रही है।
“भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं होगा:” प्रशासन ने ठेकेदारों को चेतावनी दी है कि यदि पहली बारिश में सड़कें उखड़ीं, तो न केवल भुगतान रोका जाएगा बल्कि उन्हें ब्लैकलिस्ट भी किया जा सकता है।
जनता की सुरक्षा सर्वोपरि: प्रशासन सतर्क

सड़क सुरक्षा को लेकर प्रशासन अब तकनीकी विशेषज्ञों की टीम की मदद ले रहा है। संवेदनशील इलाकों में सूचना बोर्ड और सुरक्षा घेरे (Barricades) लगाए जा रहे हैं ताकि भारी बारिश के दौरान किसी भी अप्रिय घटना को टाला जा सके


