पीएम आवास की जियो टैगिंग से पेंशन सत्यापन तक अटके काम; तीन बार शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं होने का दावा, कलेक्टर से सचिव को हटाने की मांग
मैनपुर जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत जाड़ापदर में पंचायत सचिव सोमारु राम ध्रुव के खिलाफ ग्रामीणों और पंचायत जनप्रतिनिधियों का आक्रोश सामने आया है। सचिव की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए सरपंच, पंचों और ग्रामीणों ने गरियाबंद कलेक्टर से शिकायत कर उन्हें तत्काल हटाने की मांग की है। ग्रामीणों का आरोप है कि सचिव की कार्यप्रणाली के कारण पंचायत के कई जरूरी काम लंबे समय से अटके हुए हैं और इसका सीधा असर ग्रामीणों को मिलने वाली सरकारी सुविधाओं पर पड़ रहा है।
सचिव पर काम में लापरवाही के आरोप
कलेक्टर को सौंपे गए शिकायत पत्र में ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि पंचायत सचिव द्वारा पंचायत के कार्यों का समय पर निष्पादन नहीं किया जा रहा है। जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, प्रधानमंत्री आवास योजना की जियो टैगिंग, 15वें वित्त आयोग के कार्य और बुजुर्गों व विधवा महिलाओं के सामाजिक सुरक्षा पेंशन सत्यापन जैसे जरूरी काम प्रभावित होने की बात कही गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत के अधिकांश काम अब ऑनलाइन व्यवस्था से जुड़े हैं। ऐसे में समय पर ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी नहीं होने से हितग्राहियों को परेशानी उठानी पड़ रही है। विशेष रूप से पीएम आवास से जुड़े कार्यों में देरी को लेकर ग्रामीणों ने नाराजगी जताई है।
तीन बार शिकायत, फिर भी सचिव पर कार्रवाई नहीं होने का दावा
ग्रामीणों के मुताबिक सचिव की कार्यप्रणाली को लेकर पहले भी अधिकारियों को लिखित शिकायतें दी जा चुकी हैं। शिकायत पत्र में बताया गया है कि—
11 सितंबर 2025 को जनपद पंचायत मैनपुर के सीईओ को शिकायत दी गई थी। इसके बाद 6 फरवरी 2026 और 16 मार्च 2026 को जिला पंचायत गरियाबंद के सीईओ को भी शिकायत सौंपी गई।
ग्रामीणों का दावा है कि तीन बार शिकायत के बावजूद सचिव के खिलाफ अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। इससे नाराज पंचायत प्रतिनिधि और ग्रामीण अब सीधे जिला कलेक्टर के पास पहुंचे हैं।
जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र से लेकर जियो टैगिंग तक सवाल
ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत में लोगों को जरूरी प्रमाण पत्र और योजनाओं से जुड़े कार्यों के लिए बार-बार चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने, पीएम आवास की जियो टैगिंग और पेंशन सत्यापन जैसे कामों में देरी की शिकायत सामने आई है।
ग्रामीणों का कहना है कि इन कार्यों में देरी सिर्फ पंचायत के प्रशासनिक कामकाज तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका असर सीधे उन परिवारों पर पड़ता है जो सरकारी योजनाओं और सामाजिक सुरक्षा पर निर्भर हैं।
कलेक्टर से दो टूक मांग—सचिव को हटाया जाए
जाड़ापदर के सरपंच, पंचों और ग्रामीणों ने कलेक्टर से मांग की है कि शिकायत की जांच कर पंचायत सचिव सोमारु राम ध्रुव को तत्काल अन्यत्र स्थानांतरित किया जाए। साथ ही पंचायत में किसी अनुभवी और कार्यकुशल सचिव की पदस्थापना करने की मांग की गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत के रुके हुए कार्यों को गति देने और सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक समय पर पहुंचाने के लिए सचिव स्तर पर प्रभावी कार्यप्रणाली जरूरी है।


