मैनपुर | ब्लॉक मुख्यालय मैनपुर से करीब 6 किलोमीटर दूर ग्राम कोदोभाट में पिछले 15 दिनों से खेतों में लगा सिंचाई ट्रांसफार्मर जला पड़ा है। ग्रामीणों और किसानों का आरोप है कि कई बार बिजली विभाग को शिकायत करने के बावजूद अब तक ट्रांसफार्मर नहीं बदला गया है। इसके चलते बोरवेल और मोटर पंप बंद पड़े हैं। खेतों में पानी नहीं पहुंचने से किसानों की खड़ी फसलों को नुकसान होने की आशंका बढ़ गई है।
मानसून की बेरुखी के बाद सिंचाई का संकट

किसानों के मुताबिक, इस वर्ष मानसून की जल्दी विदाई के कारण खेतों में नमी कम हो गई है। कई जगह जमीन सूखने और फसलों को पानी की जरूरत बढ़ने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। ऐसे समय में सिंचाई ट्रांसफार्मर खराब होने से उनकी परेशानी और बढ़ गई है।
किसानों के पास बोरवेल के जरिए खेतों में पानी पहुंचाकर फसल बचाने का विकल्प था, लेकिन ट्रांसफार्मर जलने के कारण मोटर पंप नहीं चल पा रहे हैं। किसानों का कहना है कि यदि जल्द बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हुई, तो फसल उत्पादन पर इसका प्रतिकूल असर पड़ सकता है।
शिकायत के बाद भी नहीं हुई समस्या दूर

पानी के आभाव में सूखता फसल
ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने विभागीय नंबर पर कई बार शिकायत दर्ज कराई, लेकिन 15 दिन बीतने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हुआ। किसानों ने अपनी मेहनत और पूंजी लगाकर फसल तैयार की है। अब फसल को सिंचाई की जरूरत है, लेकिन बिजली नहीं मिलने से वे असहाय महसूस कर रहे हैं।
एक ओर बारिश की कमी से खेतों में पानी का संकट है, तो दूसरी ओर ट्रांसफार्मर खराब होने से सिंचाई व्यवस्था ठप है। किसानों ने बिजली विभाग से जल्द ट्रांसफार्मर बदलकर आपूर्ति बहाल करने की मांग की है।
कल तक सुधार या नया ट्रांसफार्मर लगाने का आश्वासन
इस मामले में बिजली विभाग के जेई एस.के. बंजारे ने बताया कि जले हुए ट्रांसफार्मर की जानकारी मिली है। उन्होंने आश्वासन दिया कि कल तक ट्रांसफार्मर को सुधार दिया जाएगा या उसकी जगह नया ट्रांसफार्मर लगा दिया जाएगा, ताकि किसानों को सिंचाई में आगे परेशानी न हो।
अब देखना होगा कि विभाग अपने आश्वासन के अनुसार समय पर ट्रांसफार्मर चालू कर पाता है या नहीं। फिलहाल कोदोभाट के किसान अपनी फसलों को बचाने के लिए बिजली आपूर्ति बहाल होने का इंतजार कर रहे हैं।


