राधे पटेल / गरियाबंद गरियाबंद। ग्राम पंचायत अमामोरा के ग्रामीणों ने सोमवार को जिला मुख्यालय पहुंचकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए वन विभाग के कर्मचारियों पर धमकी और अवैध वसूली के गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
ग्रामीणों द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में बताया गया है कि ग्राम अमामोरा निवासी महिला समूह की मजदूर मेहना नाग का लकड़ी का माल मनोज नायक द्वारा खरीदा गया था। उक्त लकड़ी को गांव के ही वाहन (ट्रैक्टर) से धवलपुर बाजार ले जाया जा रहा था। इसी दौरान खोलापारा वन जांच नाका के पास वाहन को रोक लिया गया।
ग्रामीणों का आरोप है कि जांच नाका पर तैनात कर्मचारियों ने वाहन चालक से बहस करते हुए धमकी की और जबरन पैसे की मांग की। पैसे नहीं देने पर वाहन को रोककर अनावश्यक दबाव बनाया गया तथा चालक के साथ अभद्र व्यवहार किया गया। इस घटना से वाहन में सवार महिला भी भयभीत हो गई और उसे अपशब्द कहे जाने का भी आरोप लगाया गया है।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि गांव के कई अन्य ग्रामीणों के साथ भी इसी प्रकार की घटनाएं हो चुकी हैं, जिसमें अवैध वसूली और धमकी देने की शिकायत सामने आई है। ग्रामीणों ने बताया कि यदि इस मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाती है तो वे जांच में पूरा सहयोग करने को तैयार हैं।
ग्रामीणों ने कलेक्टर से मांग की है कि उक्त प्रकरण की तत्काल जांच कर संबंधित वन परिक्षेत्र अधिकारी एवं कर्मचारियों को निलंबित किया जाए तथा पीड़ितों को उचित मुआवजा दिलाया जाए। ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो ग्रामीण आगे उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।
ज्ञापन सौंपने के दौरान बड़ी संख्या में ग्राम अमामोरा के महिला एवं पुरुष ग्रामीण जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और प्रशासन से न्याय की मांग की।


