मैनपुर। गरियाबंद जिले के मैनपुर क्षेत्र में लगातार हो रही तेज बारिश ने ग्रामीण इलाकों की आवाजाही पर असर डालना शुरू कर दिया है। इसी बीच निर्माणाधीन चितरआमा पुल का एक हिस्सा तेज बारिश के कारण बह गई है। पुल के क्षतिग्रस्त होने से ग्राम पंचायत इंदागांव के आश्रित ग्राम अमली का संपर्क प्रभावित हो गया है। बारिश के मौसम में अब ग्रामीणों के सामने आवागमन की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है।
पिछले तीन दिनों से क्षेत्र में लगातार तेज बारिश हो रही है। बारिश के चलते नदी-नालों का जलस्तर बढ़ गया, जिसका असर निर्माणाधीन चितरआमा पुल पर भी पड़ा। बताया जा रहा है कि पुल का एक हिस्सा पानी के तेज बहाव में बह गया। पुल निर्माण पूरा नहीं होने के कारण यहां पहले से ही आवागमन सीमित था, लेकिन अब स्थिति और गंभीर हो गई है।
राशन से लेकर स्वास्थ्य सेवाओं तक प्रभावित होने की आशंका
अमली गांव में कमार-भुंजिया समुदाय के ग्रामीण निवास करते हैं। ग्रामीणों के लिए रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने के लिए इंदागांव आना-जाना जरूरी है। गांव की राशन दुकान भी इंदागांव में स्थित है। ऐसे में पुल के क्षतिग्रस्त होने के बाद बारिश के दौरान ग्रामीणों के लिए राशन सहित अन्य जरूरी सामान लेने के लिए आवागमन मुश्किल हो सकता है।
ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के दिनों में नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण पहले ही आवाजाही जोखिम भरी हो जाती है। अब निर्माणाधीन पुल का हिस्सा बह जाने से परेशानी और बढ़ गई है। खासकर बुजुर्गों, बच्चों, गर्भवती महिलाओं और मरीजों को जरूरत पड़ने पर बाहर ले जाना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
निर्माण पूरा होने से पहले ही सामने आई परेशानी
चितरआमा पुल का निर्माण क्षेत्र के ग्रामीणों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पुल बनने के बाद बारिश के दिनों में नदी पार करने की समस्या काफी हद तक कम होने की उम्मीद है। लेकिन निर्माण कार्य पूरा होने से पहले ही पुल का हिस्सा बह जाने से निर्माण की मजबूती और बारिश के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।
हालांकि, पुल का हिस्सा किन परिस्थितियों में बहा और निर्माण कार्य में कितना नुकसान हुआ है, इसकी तकनीकी जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल तेज बारिश के बीच ग्रामीणों की सबसे बड़ी चिंता सुरक्षित आवागमन को लेकर है।
ग्रामीणों ने मांगी तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था
अमली गांव के ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि बारिश के दौरान गांव तक सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करने के लिए तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था की जाए। साथ ही पुल के क्षतिग्रस्त हिस्से का निरीक्षण कर आवश्यक सुधार कार्य कराया जाए और निर्माणाधीन पुल का काम जल्द पूरा किया जाए।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि बारिश का दौर आगे भी जारी रहता है और नदी का जलस्तर बढ़ता है, तो गांव का संपर्क और अधिक प्रभावित हो सकता है। ऐसे में प्रशासन की ओर से समय रहते वैकल्पिक मार्ग या सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था करना जरूरी है।
अब नजर प्रशासन की कार्रवाई पर है। बारिश के बीच निर्माणाधीन पुल के क्षतिग्रस्त होने के बाद अमली गांव के लोगों को राहत देने के लिए प्रशासन और संबंधित निर्माण एजेंसी क्या कदम उठाती है, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।



