मैनपुर (गरियाबंद)। प्रदेश सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के दावे कर रही है, लेकिन गरियाबंद जिले के मैनपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम भूतभेड़ा का शासकीय हाईस्कूल इन दावों की हकीकत बयां कर रहा है। वर्ष 2023 में हाईस्कूल का उन्नयन (अपग्रेडेशन) तो कर दिया गया, लेकिन तीन वर्ष बीत जाने के बाद भी स्कूल के लिए न अलग भवन बना और न ही शौचालय जैसी बुनियादी सुविधा उपलब्ध हो सकी।
मिडिल स्कूल के कमरों में संचालित हो रहा हाईस्कूल
भवन के अभाव में हाईस्कूल के करीब 50 छात्र-छात्राएं आज भी पूर्व माध्यमिक शाला (मिडिल स्कूल) के भवन में पढ़ाई करने को मजबूर हैं। एक ही परिसर और सीमित कमरों में दो विद्यालयों का संचालन होने से कक्षाओं का संचालन प्रभावित हो रहा है। इससे पढ़ाई का माहौल भी प्रभावित हो रहा है और विद्यार्थियों को पर्याप्त शैक्षणिक वातावरण नहीं मिल पा रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि हाईस्कूल खुलने के बाद बच्चों को गांव में ही आगे की पढ़ाई की सुविधा मिलने की उम्मीद जगी थी, लेकिन आज भी वे मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं।
शौचालय नहीं, छात्राओं की बढ़ी परेशानी
विद्यालय परिसर में हाईस्कूल के विद्यार्थियों, विशेषकर छात्राओं के लिए अलग शौचालय की व्यवस्था नहीं है। इससे छात्राओं को दैनिक जरूरतों के दौरान असुविधा और शर्मिंदगी का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार इसी वजह से छात्राएं नियमित रूप से स्कूल नहीं आ पातीं।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि स्कूल का उन्नयन केवल कागजों तक सीमित रह गया है। यदि भवन और आवश्यक सुविधाएं समय पर उपलब्ध नहीं कराई गईं तो इसका सीधा असर बच्चों की शिक्षा पर पड़ेगा।
तीन साल बाद भी स्वीकृति का इंतजार
ग्रामीणों का कहना है कि वर्ष 2023 से लगातार नए भवन की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया। इससे यह सवाल उठ रहा है कि जब हाईस्कूल का उन्नयन कर दिया गया था, तब भवन और अन्य आधारभूत सुविधाओं की व्यवस्था क्यों नहीं की गई।
जिम्मेदार का पक्ष
जिला शिक्षा अधिकारी राजेश चंद्राकर ने बताया,
“हमने शाला भवन निर्माण के लिए पहले ही प्रस्ताव शासन को भेज दिया है। जैसे ही स्वीकृति प्राप्त होगी, भवन निर्माण का कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा।”
ग्रामीणों की मांग
ग्रामीणों और पालकों ने शासन एवं जिला प्रशासन से मांग की है कि भूतभेड़ा हाईस्कूल के लिए शीघ्र नवीन भवन और शौचालय का निर्माण कराया जाए, ताकि विद्यार्थियों को सुरक्षित और बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सके। प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में भी स्कूल भवनों के निर्माण में देरी के मामले सामने आए हैं, जिससे ग्रामीण शिक्षा अधोसंरचना को लेकर सवाल उठते रहे हैं।


