गरियाबंद। विकासखंड मुख्यालय मैनपुर के राजापड़ाव क्षेत्र अंतर्गत ग्राम कोकड़ी में गुरुवार 28 मई को किसान संघर्ष समिति एवं जय अंबेडकरवादी युवा संगठन की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में क्षेत्रभर से हजारों की संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। इस दौरान गोना में आयोजित होने वाले समाधान शिविर में शामिल होने से पहले क्षेत्र की लंबित समस्याओं को लेकर रणनीति तैयार की गई।
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि यदि गोना समाधान शिविर में कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक (एसपी), डीएफओ सहित जिले के जिम्मेदार अधिकारी उपस्थित नहीं होते हैं, तो क्षेत्रवासी शिविर का बहिष्कार कर सकते हैं। ग्रामीणों ने कहा कि समस्याओं के समाधान और सवाल-जवाब के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की मौजूदगी जरूरी है।
बैठक की शुरुआत बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर एवं देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना के साथ की गई। इसके बाद क्षेत्र की प्रमुख समस्याओं पर खुलकर चर्चा करते हुए कई प्रस्ताव पारित किए गए।
किसान संघर्ष समिति के अध्यक्ष दैनिक राम मंडावी ने कहा कि शासन-प्रशासन लगातार क्षेत्र की मूलभूत समस्याओं की अनदेखी कर रहा है। ग्रामीणों को केवल आश्वासन मिल रहा है, जबकि जमीनी स्तर पर समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक मांगें पूरी नहीं होंगी, संघर्ष जारी रहेगा।
जिला पंचायत सदस्य संजय नेताम ने अपने संबोधन में कहा कि राजापड़ाव क्षेत्र पांचवीं अनुसूची क्षेत्र होने के बावजूद अधिकारियों का मनमाना रवैया जारी है। उन्होंने कहा कि आदिवासी और मूलनिवासी समुदाय संविधान की पांचवीं अनुसूची एवं पेसा कानून 1996 से संरक्षित हैं, लेकिन आजादी के 79 वर्ष बाद भी क्षेत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पुल-पुलिया, शुद्ध पेयजल, बिजली और सामुदायिक पट्टे जैसी मूलभूत सुविधाओं का अभाव बना हुआ है। खाद-बीज एवं डीजल-पेट्रोल जैसी आवश्यक चीजों के लिए भी ग्रामीणों को भटकना पड़ रहा है।
जय अंबेडकरवादी युवा संगठन के अध्यक्ष पतंग मरकाम ने कहा कि क्षेत्रवासियों को एकजुट होकर संघर्ष करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि समाधान शिविर पहले भी आयोजित होते रहे हैं, लेकिन क्षेत्र की समस्याएं अब तक दूर नहीं हुईं, जो चिंता का विषय है।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि राजापड़ाव क्षेत्र पांचवीं अनुसूची के अंतर्गत होने के कारण किसी भी अधिकारी या विभाग को क्षेत्र भ्रमण अथवा निर्माण कार्य से पहले ग्राम सभा की अनुमति लेना अनिवार्य होगा। साथ ही पेन पुरखों की उपस्थिति में राजापड़ाव के समीप एक विशाल शिलालेख स्थापित करने का निर्णय लिया गया, जिसके लिए प्रत्येक घर से सामूहिक चंदा के रूप में 20 रुपये लेने की सहमति बनी।
ग्रामीण मुखियाओं ने गोना समाधान शिविर में सुबह 10 बजे प्रत्येक गांव से बड़ी संख्या में उपस्थित होने की अपील की।
बैठक में प्रमुख रूप से जिला पंचायत सदस्य संजय नेताम, किसान संघर्ष समिति अध्यक्ष दैनिक राम मंडावी, जय अंबेडकरवादी युवा संगठन अध्यक्ष पतंग मरकाम, जनपद सदस्य फूलचंद मरकाम, सर्व आदिवासी समाज अध्यक्ष सुनील मरकाम, पूर्व सरपंच अजय नेताम, टीकम मरकाम, चिमन नेताम, शंकर लाल नेताम, घनश्याम मरकाम, कृष्ण कुमार नेताम, बिसरू राम मरकाम, बिकाऊ राम मरकाम सहित क्षेत्रभर के हजारों ग्रामीण मौजूद रहे।





