मैनपुर (गरियाबंद)। गरियाबंद जिले के मैनपुर ब्लॉक अंतर्गत ग्राम छिंदौला स्थित आदिशक्ति वर्षा की देवी छिन्दलइन माता के पावन दरबार में प्रथम पूजा-अर्चना श्रद्धा, भक्ति और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न हुई। इस धार्मिक आयोजन में 12 पाली के ग्रामीणों सहित आसपास के 36 गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए और माता के चरणों में अपनी आस्था अर्पित की।

ग्रामीणों और श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से छिन्दलइन माता की पूजा-अर्चना कर क्षेत्र में अच्छी वर्षा, सुख-समृद्धि, हरियाली तथा किसानों की बेहतर फसल के लिए प्रार्थना की। पूरे आयोजन के दौरान मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण से गूंजता रहा और माता के जयकारों से पूरा क्षेत्र श्रद्धा के रंग में रंगा नजर आया।
ग्रामीणों की मान्यता है कि छिन्दलइन माता वर्षा की अधिष्ठात्री देवी हैं और उनकी कृपा से समय पर वर्षा होती है, जिससे खेतों में अच्छी पैदावार होती है और किसानों के जीवन में खुशहाली आती है। यही कारण है कि प्रत्येक वर्ष कृषि कार्य शुरू होने से पहले श्रद्धालु माता के दरबार में पहुंचकर आशीर्वाद प्राप्त करते हैं और अच्छी बारिश की कामना करते हैं।

प्रथम पूजा-अर्चना के अवसर पर श्रद्धालुओं ने क्षेत्र की शांति, समृद्धि और जनकल्याण की भी प्रार्थना की। आयोजन के दौरान ग्रामीणों में विशेष उत्साह देखने को मिला तथा परंपरागत धार्मिक आस्था और सामाजिक एकता का सुंदर उदाहरण भी देखने को मिला।
स्थानीय लोगों का कहना है कि छिन्दलइन माता का यह प्राचीन दरबार क्षेत्रवासियों की अटूट आस्था का केंद्र है, जहां दूर-दूर से श्रद्धालु अपनी मनोकामनाओं के साथ पहुंचते हैं। हर वर्ष आयोजित होने वाली यह प्रथम पूजा न केवल धार्मिक परंपरा को जीवित रखती है, बल्कि ग्रामीणों को एक सूत्र में जोड़ने का कार्य भी करती है।





