जल जीवन मिशन की धीमी रफ्तार पर सवाल, ठेकेदार ने नल तो लगाए लेकिन पानी पहुंचाने वाली व्यवस्था अब तक अधूरी; PHE अधिकारी बोले—बिजली की व्यवस्था नहीं होने से रुका था काम, जल्द शुरू होगा
मैनपुर। केंद्र और राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन योजना का उद्देश्य ग्रामीण परिवारों तक घर-घर नल के माध्यम से सुरक्षित पेयजल पहुंचाना है। लेकिन गरियाबंद जिले के मैनपुर क्षेत्र में योजना की जमीनी स्थिति पर सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्राम पंचायत शोभा में पानी की टंकी का निर्माण पिछले करीब 3-4 वर्षों से अधूरा पड़ा है। घरों में नल कनेक्शन लगाए जाने के बावजूद ग्रामीणों को नियमित जलापूर्ति का इंतजार है।
जल जीवन मिशन का मूल उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को कार्यात्मक घरेलू नल कनेक्शन के माध्यम से सुरक्षित और पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराना है। ऐसे में केवल नल लगाने के बजाय जलस्रोत, टंकी, पाइपलाइन और बिजली जैसी पूरी व्यवस्था का चालू होना जरूरी है।
शोभा की अधूरी टंकी बनी सवाल
मैनपुर विकासखंड की ग्राम पंचायत शोभा में ग्रामीणों के लिए पानी की टंकी का निर्माण शुरू किया गया था। ग्रामीणों के अनुसार निर्माण कार्य शुरू हुए कई साल बीत चुके हैं, लेकिन टंकी आज भी पूरी तरह तैयार नहीं हो सकी है।
टंकी का निर्माण अधूरा होने के कारण घरों तक पानी पहुंचाने की पूरी व्यवस्था भी शुरू नहीं हो पाई है। ग्रामीणों के घरों में नल लगाए गए हैं, लेकिन नल से नियमित पानी नहीं मिलने के कारण योजना का अपेक्षित लाभ लोगों को नहीं मिल पा रहा है।
यह स्थिति केवल शोभा तक सीमित है या जिले के अन्य गांवों में भी इसी तरह की समस्या है, इसकी व्यापक जांच और योजना की वास्तविक स्थिति सामने लाने की जरूरत है। मैनपुर क्षेत्र में जल जीवन मिशन के अधूरे काम को लेकर पहले भी स्थानीय स्तर पर सवाल उठ चुके हैं।
घरों में टोंटी, लेकिन पानी का इंतजार
जल जीवन मिशन के तहत घरों में नल कनेक्शन पहुंचने के बाद ग्रामीणों को उम्मीद थी कि अब उन्हें पेयजल के लिए हैंडपंप या दूसरे पारंपरिक जलस्रोतों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। लेकिन यदि टंकी और जलापूर्ति व्यवस्था ही अधूरी रहे तो घरों में लगाए गए नल ग्रामीणों के लिए महज कनेक्शन बनकर रह जाते हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि योजना का वास्तविक फायदा तभी मिलेगा, जब टंकी पूरी हो, जलस्रोत तैयार हो, पाइपलाइन व्यवस्थित हो और नियमित रूप से पानी की सप्लाई शुरू हो।
क्या कहते हैं अधिकारी?
इस मामले में PHE विभाग के ई ने बताया कि बिजली की व्यवस्था नहीं होने के कारण शोभा में जल जीवन मिशन का काम रुका हुआ था। उन्होंने कहा कि शोभा की पानी की टंकी अधूरी है और यह मामला उनके संज्ञान में है। जल्द ही काम दोबारा शुरू कराया जाएगा।
अधिकारी के इस बयान से यह स्पष्ट है कि टंकी का काम अभी पूरा नहीं हुआ है। अब देखने वाली बात होगी कि विभाग द्वारा काम दोबारा शुरू कराने के बाद कितने समय में निर्माण पूरा होता है और ग्रामीणों के घरों तक नियमित पानी पहुंचना शुरू होता है।
योजना पूरी होने पर ही मिलेगी राहत
जल जीवन मिशन के तहत केवल घरों में नल लगाना पर्याप्त नहीं है। ग्रामीणों को वास्तविक लाभ तब मिलेगा, जब पूरी जलापूर्ति व्यवस्था कार्यशील हो और नल से नियमित एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध हो।
शोभा में वर्षों से अधूरी पड़ी पानी की टंकी को लेकर ग्रामीण अब काम जल्द पूरा होने की उम्मीद लगाए बैठे हैं। विभागीय अधिकारी ने भी जल्द काम शुरू कराने की बात कही है। ऐसे में अब ग्रामीणों की नजर इस बात पर है कि अधूरी टंकी कब पूरी होगी और घरों में लगी टोंटियों से पानी कब आएगा।



