रायपुर: राजधानी रायपुर में रोजगार और खुद का व्यवसाय स्थापित करने का सपना दिखाकर बड़े पैमाने पर ठगी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। रायपुर के सरोना स्थित ‘भारती महिला शक्ति फाउंडेशन’ पर दोना-पत्तल, नोटबुक एवं अन्य मशीनों की बिक्री के नाम पर अंतरराज्यीय ठगी का आरोप लगा है।
कंपनी ने बाय-बैक (Buy-back) सिस्टम और हर महीने ₹60,000 से ₹70,000 की कमाई का झांसा देकर छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, बिहार (पटना) और ओडिशा समेत कई राज्यों के सैकड़ों लोगों से लाखों रुपये ऐंठे हैं। मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
महापौर की करीबी रिश्तेदार भी ठगी का शिकार इस कथित घोटाले की आंच अब हाई-प्रोफाइल लोगों तक भी पहुंच गई है। रायपुर की महापौर मीनल चौबे की करीबी रिश्तेदार बताई जा रही बिलासपुर निवासी शशि चौबे भी इस ठगी का शिकार हुई हैं। शशि चौबे ने आरोप लगाया है कि उन्होंने दोना-पत्तल मशीन लगाने के लिए कंपनी को ₹8 लाख 40 हजार का भारी-भरकम भुगतान किया था। कंपनी ने उन्हें व्यवसाय शुरू कराने और नियमित आय का भरोसा दिया था, लेकिन भुगतान के महीनों बाद भी न तो उन्हें मशीन उपलब्ध कराई गई और न ही कंपनी ने अपने वादे पूरे किए।
इसी तरह, झारसुगुड़ा (ओडिशा) के रहने वाले सुरेश कुमार ने बताया कि उन्होंने साल 2025 में नोटबुक मशीन लगाने के लिए बैंक से 18 लाख रुपये का लोन लेकर कंपनी संचालक शैलेन्द्र रजक को दिया था। लेकिन उनका भी व्यवसाय आज तक शुरू नहीं हो सका।
क्या था ठगी का तरीका (Modus Operandi)? पीड़ितों के अनुसार, कंपनी ने एक सुनियोजित तरीके से लोगों को अपने जाल में फंसाया:
भारी वसूली: कंपनी दोना-पत्तल मशीन के लिए लगभग ₹2.56 लाख और 1 टन कच्चे माल के लिए लगभग ₹65 हजार वसूलती थी।
झूठे वादे: ग्राहकों को 7 से 10 दिनों में मशीन की डिलीवरी, 2 से 3 टन कच्चा माल देने और हर सप्ताह तैयार माल वापस खरीदने (Buy-back) का दावा किया जाता था।
लेटलतीफी और अनदेखी: पैसे लेने के बाद कई लोगों को मशीन ही नहीं मिली। जिन्हें मशीन 2-3 महीने बाद मिली, उन्हें इंस्टॉलेशन के लिए महीनों इंतजार करना पड़ा।
संपर्क बंद: जब ग्राहकों ने दबाव बनाया, तो कंपनी के जिम्मेदार लोगों ने फोन उठाना और संपर्क करना ही बंद कर दिया।
पुलिस का एक्शन: मुख्य आरोपी शैलेंद्र रजक गिरफ्तार ठगी का अहसास होने के बाद, पीड़ित एकजुट हुए और पुलिस का दरवाजा खटखटाया। पीड़ितों की सामूहिक शिकायत के आधार पर रायपुर के डी.डी. नगर थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) के तहत धोखाधड़ी का अपराध दर्ज किया गया है।
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कंपनी के संचालक और मुख्य आरोपी शैलेन्द्र रजक को गिरफ्तार कर लिया है। फिलहाल पुलिस आरोपी से कड़ाई से पूछताछ कर रही है। बैंक लेन-देन, दस्तावेजों और अन्य शिकायतों की भी गहन जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि यदि इस सिंडिकेट में अन्य लोगों की संलिप्तता पाई जाती है, तो उनके खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
प्रेस क्लब में पीड़ितों ने रखी अपनी बात न्याय की गुहार लगाते हुए, 29 जून को रायपुर प्रेस क्लब में विभिन्न राज्यों के दर्जनों पीड़ितों ने एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया। मीडिया के सामने उन्होंने अपने भुगतान के दस्तावेज पेश किए और अपनी आपबीती सुनाई। पीड़ितों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो, दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिले और ठगी गई उनकी गाढ़ी कमाई उन्हें वापस दिलाई जाए।





