NH-53 पर घुमंतू मवेशियों की सुरक्षा के लिए पशुधन विभाग की पहल, रात में दूर से नजर आएंगे पशु
गरियाबंद। सड़क पर घुमंतू मवेशियों के कारण होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने और पशुओं के साथ-साथ वाहन चालकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से पशुधन विभाग ने सोमवार को ग्राम धवलपुर स्थित NH-53 पर विशेष पहल की। विभाग की टीम ने सड़क पर घूमने वाले मवेशियों को रेडियम बेल्ट पहनाए, ताकि रात के समय वाहन चालकों को मवेशी दूर से दिखाई दे सकें।
पशुधन विभाग के इस अभियान का उद्देश्य विशेष रूप से रात के समय सड़क पर बैठे या घूम रहे मवेशियों के कारण होने वाली दुर्घटनाओं की आशंका को कम करना है। रेडियम बेल्ट पर वाहन की रोशनी पड़ने पर वह चमकता है, जिससे अंधेरे में मवेशियों की पहचान आसानी से हो सकती है।
सड़क सुरक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ाने की पहल
NH-53 पर बड़ी संख्या में वाहनों की आवाजाही रहती है। ऐसे में सड़क पर अचानक मवेशियों के आ जाने से दुर्घटना का खतरा बना रहता है। कई बार रात के समय कम रोशनी के कारण वाहन चालकों को सड़क पर बैठे मवेशी दिखाई नहीं देते।
इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए पशुधन विभाग द्वारा मवेशियों को रेडियम बेल्ट पहनाने की पहल की गई। विभाग का मानना है कि इससे रात के समय मवेशियों की दृश्यता बढ़ेगी और संभावित सड़क दुर्घटनाओं को रोकने में मदद मिलेगी।
पशुधन विभाग के साथ युवाओं ने भी दिया सहयोग
अभियान में पशुधन विभाग की ओर से उमाशंकर नेताम और उमेंद्र यादव ने सहभागिता निभाई। वहीं युवा नेता दयाशंकर सोनी सहित मुकेश गिरी गोस्वामी, सौरभ राजपूत, केवल यादव और राजू राव ने भी मवेशियों को रेडियम बेल्ट पहनाने के अभियान में सहयोग किया।
इस दौरान सड़क किनारे घूम रहे मवेशियों को चिन्हित कर उनके गले में रेडियम बेल्ट लगाए गए। अभियान के माध्यम से पशु सुरक्षा के साथ सड़क सुरक्षा को लेकर भी लोगों को जागरूक करने का प्रयास किया गया।
हादसों पर लगाम लगाने में मददगार हो सकती है पहल
पशुओं के सड़क पर खुलेआम घूमने की समस्या ग्रामीण और मुख्य मार्गों पर अक्सर सामने आती है। खासकर रात के समय यह समस्या वाहन चालकों के लिए जोखिम बढ़ा देती है। ऐसे में मवेशियों को रेडियम बेल्ट पहनाने जैसी पहल दुर्घटनाओं की आशंका कम करने में उपयोगी साबित हो सकती है।
स्थानीय लोगों ने पशुधन विभाग की इस पहल की सराहना करते हुए सड़क किनारे घूमने वाले अधिक से अधिक मवेशियों को रेडियम बेल्ट पहनाने और अभियान को लगातार जारी रखने की आवश्यकता जताई।





