राधे पटेल / गरियाबंदगरियाबंद। राज्य सरकार द्वारा संचालित मुख्यमंत्री स्कूल जतन योजना का मुख्य उद्देश्य बच्चों को सुरक्षित, मजबूत और गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक भवन उपलब्ध कराना है, ताकि देश के भविष्य को एक मजबूत आधार मिल सके। लेकिन गौरगांव पंचायत के लाटापारा में निर्माणाधीन नए स्कूल भवन की स्थिति ने इस महत्वाकांक्षी योजना की गुणवत्ता और पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, लाटापारा में पूर्ण रूप से एक नए स्कूल भवन का निर्माण कार्य किया जा रहा है, जो कि किसी पुराने भवन की मरम्मत नहीं बल्कि नया निर्माण है। हालांकि निर्माण स्थल की वर्तमान स्थिति को देखने पर यह स्पष्ट रूप से प्रतीत होता है कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता के मानकों का समुचित पालन नहीं किया जा रहा है। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण कार्य में घटिया सामग्री का उपयोग किया जा रहा है, जिससे भवन की मजबूती और दीर्घकालिक सुरक्षा पर संदेह उत्पन्न हो गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि जहां स्कूल देश का भविष्य तैयार करते हैं, वहीं ऐसे संवेदनशील स्थानों पर निर्माण गुणवत्ता के साथ लापरवाही बरती जाना अत्यंत गंभीर विषय है। मुख्यमंत्री स्कूल जतन योजना के तहत सरकार द्वारा लाखों से करोड़ों रुपये स्वीकृत किए जाते हैं, लेकिन इसके बावजूद यदि बच्चों को मजबूत और सुरक्षित भवन उपलब्ध नहीं हो पा रहा है, तो यह पूरे तंत्र की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिन्ह लगाता है।
इस पूरे मामले में सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि निर्माणाधीन भवन की गुणवत्ता अत्यंत कमजोर दिखाई दे रही है, जिससे यह आशंका जताई जा रही है कि कहीं न कहीं ठेकेदार और जिम्मेदार अधिकारियों की मिलीभगत से सरकारी राशि का दुरुपयोग तो नहीं किया जा रहा है। स्थानीय नागरिकों ने यह भी सवाल उठाया है कि आखिर संबंधित विभाग और जिम्मेदार अधिकारी इस मामले में अब तक सक्रिय क्यों नहीं हुए हैं।
गौरतलब है कि यह मामला केवल गौरगांव पंचायत के लाटापारा तक सीमित नहीं माना जा रहा है। जिला गरियाबंद के अन्य क्षेत्रों से भी इसी प्रकार की शिकायतें समय-समय पर सामने आती रही हैं, जहां नए स्कूल भवन निर्माण में गुणवत्ता को नजरअंदाज करने के आरोप लगाए गए हैं। यदि यह स्थिति सही पाई जाती है, तो यह न केवल सरकारी धन की बर्बादी है, बल्कि बच्चों की सुरक्षा के साथ सीधा खिलवाड़ भी माना जाएगा।
अब सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि आखिर मुख्यमंत्री स्कूल जतन योजना जैसी महत्वपूर्ण योजना में भी गुणवत्ता से समझौता क्यों किया जा रहा है? क्या संबंधित अधिकारियों की निगरानी व्यवस्था कमजोर है, या फिर कहीं न कहीं लेन-देन और अनियमितताओं की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता?
स्थानीय ग्रामीणों और अभिभावकों ने प्रशासन से मांग की है कि लाटापारा में निर्माणाधीन नए स्कूल भवन की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष तकनीकी जांच कराई जाए। साथ ही, यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है, तो दोषी ठेकेदारों और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में मुख्यमंत्री स्कूल जतन योजना का लाभ वास्तविक रूप से बच्चों तक पहुंच सके और सरकारी धन का सही उपयोग सुनिश्चित हो।

