मैनपुर। शिक्षा के क्षेत्र में एक बार फिर शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला देहारगुड़ा ने अपनी उत्कृष्टता का परिचय देते हुए नया इतिहास रच दिया है। राष्ट्रीय साधन सह प्रावीण्य परीक्षा (NMMS) 2025-26 के घोषित परिणामों में विद्यालय के तीन होनहार विद्यार्थियों ने चयन सूची में स्थान बनाकर पूरे क्षेत्र को गौरवान्वित किया है।
सबसे बड़ी उपलब्धि विद्यालय की मेधावी छात्रा अनुराधा शांडिल्य ने हासिल की, जिन्होंने 115 अंक प्राप्त कर विकासखंड मैनपुर में प्रथम स्थान प्राप्त किया। उनकी इस शानदार सफलता ने न केवल विद्यालय बल्कि पूरे देहारगुड़ा गांव का नाम जिले भर में रोशन कर दिया है।
पहली बार मैनपुर में हुआ परीक्षा का आयोजन
इस वर्ष विकासखंड मैनपुर में पहली बार राष्ट्रीय साधन सह प्रावीण्य परीक्षा 2025-26 का सफल आयोजन स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम विद्यालय में किया गया। परीक्षा में विभिन्न विद्यालयों के कुल 90 विद्यार्थियों ने पंजीयन कराया था, जिनमें से 85 छात्र-छात्राओं ने परीक्षा में भाग लिया।
परिणाम घोषित होने पर विकासखंड के कुल 6 विद्यार्थियों ने जिला चयन सूची में स्थान बनाया, जिनमें से 3 विद्यार्थी केवल शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला देहारगुड़ा के रहे। यह उपलब्धि विद्यालय की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और शिक्षकों की मेहनत का प्रमाण मानी जा रही है।
अनुराधा ने बढ़ाया पूरे क्षेत्र का मान
विद्यालय की प्रतिभाशाली छात्रा अनुराधा शांडिल्य ने 115 अंक अर्जित कर विकासखंड में सर्वोच्च स्थान प्राप्त किया। वहीं मुंगेश्वर और उमा दीवान ने भी चयन सूची में जगह बनाकर अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया।
तीनों विद्यार्थियों की सफलता से विद्यालय में उत्साह का माहौल है। शिक्षकों का कहना है कि विद्यार्थियों की लगन, नियमित अध्ययन और सही मार्गदर्शन ने इस सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
मेहनत, अनुशासन और समर्पण का मिला परिणाम
विद्यालय परिवार ने इस उपलब्धि को केवल विद्यार्थियों की सफलता नहीं, बल्कि शिक्षकों, अभिभावकों और ग्रामीणों के सामूहिक प्रयास का परिणाम बताया है। सीमित संसाधनों के बावजूद विद्यार्थियों ने अपनी मेहनत और आत्मविश्वास के बल पर यह मुकाम हासिल किया है।
विद्यालय के प्रधान पाठक चित्रसेन पटेल सहित कांतिलाल साहू, सुरैया तनवीर, ओमप्रकाश वैष्णव, प्रेरणा कश्यप, रोहन दीवान, इंद्र कुमार और रूपेन्द्र पटेल ने विद्यार्थियों को निरंतर मार्गदर्शन और प्रोत्साहन प्रदान किया।
पूरे गांव में जश्न का माहौल
इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर संकुल समन्वयक मुकेश ठाकुर, सरपंच महेश दीवान, देवन नेताम, पवन दीवान, जुगलाल, लीलाधर, संजय, कीर्तन, गणेश, शंकर सहित समस्त ग्रामीणों और विद्यालय परिवार ने चयनित विद्यार्थियों को हार्दिक बधाई दी।
ग्रामीणों ने कहा कि यह सफलता आने वाले विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा बनेगी और शिक्षा के प्रति जागरूकता को नई दिशा देगी।
शिक्षा के क्षेत्र में नई पहचान बना रहा देहारगुड़ा
लगातार बेहतर शैक्षणिक परिणामों के कारण देहारगुड़ा अब शिक्षा के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बना रहा है। राष्ट्रीय स्तर की छात्रवृत्ति परीक्षा में मिली यह सफलता साबित करती है कि ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थी भी प्रतिभा और परिश्रम के दम पर बड़ी उपलब्धियां हासिल कर सकते हैं।
अनुराधा शांडिल्य, मुंगेश्वर और उमा दीवान की सफलता ने यह सिद्ध कर दिया है कि मजबूत संकल्प, शिक्षकों का मार्गदर्शन और अभिभावकों का सहयोग मिल जाए तो कोई भी लक्ष्य दूर नहीं होता। देहारगुड़ा की यह उपलब्धि पूरे मैनपुर विकासखंड के लिए गर्व का विषय है और आने वाली पीढ़ियों को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रेरित करेगी।





