गरियाबंद। जिले मुख्यालय से लगभग 25 किलोमीटर दूर स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय दर्रीपारा में नए शिक्षा सत्र के अवसर पर प्रवेश उत्सव हर्षोल्लास और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विद्यालय परिवार ने नवप्रवेशी विद्यार्थियों का तिलक लगाकर एवं गुलदस्ता भेंट कर आत्मीय स्वागत किया। राज्य सरकार के निर्देशानुसार आयोजित शाला प्रवेश उत्सव का उद्देश्य अधिक से अधिक बच्चों को विद्यालय से जोड़ना और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। (DPRCG)
कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती की पूजा-अर्चना एवं वंदना के साथ हुआ। समारोह में शाला विकास प्रबंधन समिति के सदस्य राजूलाल ध्रुव, मोहन यादव तथा अंजोर सिंह चक्रधारी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
नवप्रवेशी विद्यार्थियों का किया गया सम्मान
अतिथियों एवं शिक्षकों ने विद्यालय में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों का गुलाल तिलक लगाकर तथा गुलदस्ता भेंट कर स्वागत किया। इसके बाद कक्षा 9वीं एवं 10वीं के विद्यार्थियों को निःशुल्क पाठ्यपुस्तकें और पेन वितरित किए गए। कार्यक्रम में विद्यालय के सभी वर्गों के छात्र-छात्राओं की उत्साहपूर्ण उपस्थिति रही।
मेधावी छात्राओं ने साझा किए सफलता के अनुभव
कार्यक्रम में वर्ष 2025-26 की मेधावी छात्राएं यामिनी यादव, नीलम कश्यप, दीक्षा चक्रधारी तथा पुष्पांजलि साहू भी शामिल हुईं।
यामिनी यादव ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि सफलता प्राप्त करने के लिए विद्यालय में पढ़ाए गए विषयों का प्रतिदिन घर जाकर पुनः अध्ययन करना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को मोबाइल से दूरी बनाए रखने, अनुशासित जीवन अपनाने, समय का सदुपयोग करने तथा गुरुजनों के मार्गदर्शन का सम्मान करने की सीख दी।
वहीं नीलम कश्यप ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि विद्यालय में बिताए गए चार वर्षों के दौरान छात्र संघ और स्काउट-गाइड गतिविधियों ने उनके व्यक्तित्व विकास और आत्मविश्वास को नई दिशा दी।
शिक्षकों और अतिथियों ने विद्यार्थियों को किया प्रेरित
समारोह के दौरान उपस्थित अतिथियों एवं शिक्षकों ने विद्यार्थियों को नियमित अध्ययन, अनुशासन, नैतिक मूल्यों और उज्ज्वल भविष्य के लिए मेहनत करने का संदेश दिया। उन्होंने सभी विद्यार्थियों को नए शिक्षा सत्र के लिए शुभकामनाएं देते हुए शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डाला।
विद्यालय में आयोजित यह प्रवेश उत्सव विद्यार्थियों के लिए यादगार बन गया। आत्मीय स्वागत, प्रेरणादायी संबोधन और शैक्षणिक सामग्री वितरण ने नए विद्यार्थियों में विद्यालय के प्रति अपनापन और उत्साह का वातावरण तैयार किया।





