राजिम। खरीफ सीजन के दौरान किसानों को खाद की कमी, बढ़ती महंगाई और फसलों के उचित मूल्य की मांग को लेकर 12 जून को राजिम में विशाल किसान आंदोलन और महाचक्का जाम आयोजित किया जाएगा। ब्लॉक कांग्रेस कमेटी फिंगेश्वर एवं भारतीय किसान यूनियन के संयुक्त तत्वावधान में होने वाले इस आंदोलन को लेकर क्षेत्र में तैयारियां तेज हो गई हैं।
आयोजकों ने दावा किया है कि किसानों और आम जनता से जुड़े ज्वलंत मुद्दों को लेकर यह आंदोलन किसी एक राजनीतिक दल का नहीं बल्कि जनहित का आंदोलन है। इसी उद्देश्य से विभिन्न राजनीतिक दलों, किसान संगठनों, सामाजिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों को आंदोलन में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया है।
ब्लॉक कांग्रेस कमेटी फिंगेश्वर के अध्यक्ष रूपेश कुमार साहू ने भाजपा किसान मोर्चा गरियाबंद के जिला अध्यक्ष हलमन ध्रुव, राजिम मंडल अध्यक्ष यथार्थ शर्मा तथा सरपंच संघ के अध्यक्ष हरीश साहू सहित कई प्रमुख जनप्रतिनिधियों और किसान नेताओं को आमंत्रण पत्र भेजा है।
खाद संकट से जूझ रहे किसान
आयोजकों का आरोप है कि वर्तमान खरीफ सीजन में सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों को पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध नहीं हो पा रही है। कई क्षेत्रों में किसान खाद के लिए लंबी कतारों में खड़े होने को मजबूर हैं। वहीं निजी विक्रेताओं द्वारा निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत पर खाद बेचने की शिकायतें भी लगातार सामने आ रही हैं।
किसानों का कहना है कि समय पर खाद नहीं मिलने से खेती की तैयारियां प्रभावित हो रही हैं, जिसका सीधा असर उत्पादन पर पड़ सकता है।
महंगाई से बढ़ी किसानों और आम लोगों की परेशानी
आंदोलन के प्रमुख मुद्दों में पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की बढ़ती कीमतें भी शामिल हैं। आयोजकों का कहना है कि लगातार बढ़ती महंगाई ने खेती की लागत में भारी वृद्धि कर दी है। डीजल महंगा होने से सिंचाई, जुताई और परिवहन का खर्च बढ़ गया है, जबकि घरेलू गैस सिलेंडर के बढ़ते दामों ने आम परिवारों का बजट भी बिगाड़ दिया है।
फसलों के उचित मूल्य की मांग
किसान संगठनों का आरोप है कि किसानों को उनकी उपज का लाभकारी मूल्य नहीं मिल रहा है। उत्पादन लागत बढ़ने के बावजूद बाजार में फसलों के दाम संतोषजनक नहीं हैं, जिससे किसानों की आर्थिक स्थिति प्रभावित हो रही है। आंदोलन के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने और फसलों का उचित मूल्य सुनिश्चित करने की मांग भी उठाई जाएगी।
सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक होगा आंदोलन
आयोजकों के अनुसार 12 जून को सुबह 10 बजे से राजिम स्थित पंडित सुंदरलाल शर्मा चौक में धरना-प्रदर्शन शुरू होगा। इसके बाद ट्रैक्टर रैली निकाली जाएगी तथा विशाल चक्का जाम कर सरकार का ध्यान किसानों की समस्याओं की ओर आकर्षित किया जाएगा।
रूपेश साहू ने कहा कि किसानों और आम नागरिकों की समस्याएं राजनीतिक सीमाओं से परे हैं। ऐसे में सभी दलों और संगठनों को एक मंच पर आकर किसानों की आवाज बुलंद करनी चाहिए। उन्होंने किसानों, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों से बड़ी संख्या में आंदोलन में शामिल होकर इसे सफल बनाने की अपील की है।
राजिम में प्रस्तावित यह महाचक्का जाम अब क्षेत्रीय राजनीति और किसान आंदोलन का बड़ा केंद्र बनता दिखाई दे रहा है। आंदोलन में विभिन्न संगठनों की भागीदारी और प्रशासन की तैयारियों पर भी सभी की नजरें टिकी हुई हैं।


