जयपुर। राजस्थान की राजधानी जयपुर में सोमवार को प्रशासन द्वारा धार्मिक स्थलों को हटाने की बड़ी कार्रवाई शुरू की गई। सड़क चौड़ीकरण परियोजना के तहत जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA) ने नंदपुरी अंडरपास क्षेत्र में मौजूद कुछ धार्मिक संरचनाओं को हटाने की प्रक्रिया शुरू की है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरे इलाके को सुरक्षा घेरे में ले लिया गया है और कई क्षेत्रों में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं अस्थायी रूप से बंद कर दी गई हैं।
प्रशासन के अनुसार रेलवे लाइन के समानांतर चल रही सड़क को 80 फीट चौड़ा करने की योजना के तहत रास्ते में आ रहे एक मस्जिद, दो मंदिर, एक मजार और एक सत्संग भवन सहित कुल पांच धार्मिक स्थलों को हटाया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई सड़क विकास परियोजना का हिस्सा है और पूर्व में संबंधित पक्षों को नोटिस भी जारी किए गए थे।
संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन ने लगभग 3,000 पुलिसकर्मियों और अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की है। इलाके में बैरिकेडिंग कर आम लोगों की आवाजाही सीमित कर दी गई है। वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी लगातार स्थिति की निगरानी कर रहे हैं, जबकि ड्रोन कैमरों के माध्यम से भी पूरे क्षेत्र पर नजर रखी जा रही है।
अफवाहों और भ्रामक सूचनाओं को रोकने के लिए जयपुर उत्तर और पूर्व के कई थाना क्षेत्रों में मोबाइल इंटरनेट, सोशल मीडिया सेवाएं तथा बल्क एसएमएस सेवाएं अस्थायी रूप से बंद कर दी गई हैं। प्रशासन ने लोगों से सोशल मीडिया पर अपुष्ट जानकारी साझा न करने और शांति बनाए रखने की अपील की है।
इस कार्रवाई को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आ रही हैं। कुछ जनप्रतिनिधियों और धार्मिक संगठनों ने कार्रवाई के तरीके और समय को लेकर सवाल उठाए हैं, जबकि प्रशासन का कहना है कि पूरी प्रक्रिया कानूनी प्रावधानों के तहत की जा रही है।
फिलहाल पूरे जयपुर की नजर इस कार्रवाई पर बनी हुई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा किसी भी प्रकार की अव्यवस्था फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।



