राधे पटेल/ गरियाबंद गरियाबंद। ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में गरियाबंद जिले में एक महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। बड़ौदा ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) गरियाबंद द्वारा देवभोग विकासखण्ड के ग्राम कदलीमुड़ा स्थित रीपा परिसर में आसपास की महिलाओं के लिए मशरूम खेती पर विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण आजीविका को सशक्त बनाना और महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ते हुए उन्हें
आर्थिक रूप से सक्षम बनाना है। कार्यक्रम पूरी तरह निःशुल्क आयोजित किया गया, जिसमें प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली सभी महिलाओं को निःशुल्क टी-शर्ट, कैप, पाठन सामग्री एवं भोजन की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई।
प्रशिक्षण के दौरान विशेषज्ञ प्रशिक्षकों द्वारा महिलाओं को मशरूम उत्पादन की सम्पूर्ण प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। इसमें मशरूम उत्पादन के लिए उपयुक्त वातावरण तैयार करने, बीज (स्पॉन) की तैयारी, खाद एवं कच्चे माल के चयन, उत्पादन तकनीक, देखभाल, रोग एवं कीट नियंत्रण तथा तैयार मशरूम के सुरक्षित भंडारण एवं विपणन से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां साझा की गईं।
प्रशिक्षकों ने बताया कि मशरूम की खेती कम लागत और सीमित स्थान में भी आसानी से की जा सकती है, जिससे कम समय में अच्छा लाभ अर्जित किया जा सकता है। प्रशिक्षण में शामिल महिलाओं ने इसे अपने लिए एक नई शुरुआत बताते हुए कहा कि यह पहल उनके लिए स्वरोजगार के नए अवसर खोलने वाली साबित होगी और वे जल्द ही मशरूम उत्पादन शुरू करने की योजना बना रही हैं।
कार्यक्रम के दौरान महिलाओं को यह भी जानकारी दी गई कि वे इस प्रशिक्षण का उपयोग कर स्वयं का व्यवसाय किस प्रकार शुरू कर सकती हैं और अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ बना सकती हैं। साथ ही उन्हें शासन की विभिन्न योजनाओं की जानकारी देते हुए आर्थिक सहायता और ऋण सुविधाओं से जोड़ने के उपाय भी बताए गए।
इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम ग्रामीण क्षेत्र में महिलाओं को सशक्त बनाने के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। आरसेटी गरियाबंद द्वारा भविष्य में भी इसी तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाने की जानकारी दी गई है, ताकि अधिक से अधिक ग्रामीण महिलाओं को इसका लाभ मिल सके।


