अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने अपनी अप्रैल 2026 की ‘वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक’ रिपोर्ट में वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए खतरे की घंटी बजा दी है। रिपोर्ट के अनुसार, 2026 के लिए वैश्विक विकास दर के अनुमान को जनवरी के 3.3% से घटाकर 3.1% कर दिया गया है । यह गिरावट सीधे तौर पर मिडिल ईस्ट में जारी ‘ईरान युद्ध‘ और उसके कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला में आए व्यवधान का परिणाम है। 2025 में दुनिया ने 3.4% की दर से विकास किया था, लेकिन अब यह गति धीमी पड़ती दिख रही है ।

आईएमएफ के मुख्य अर्थशास्त्री पियरे-ओलिवियर गौरींचस ने बताया कि अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरानी ठिकानों पर किए गए हमलों और जवाबी कार्रवाई में ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को बंद करने की धमकियों ने तेल और गैस की कीमतों में 19% का उछाल ला दिया है । हालांकि ईरान ने हाल ही में लेबनान में संघर्ष विराम के दौरान इस मार्ग को “पूरी तरह खुला” घोषित किया है, लेकिन अनिश्चितता अभी भी बनी हुई है । वैश्विक मुद्रास्फीति (महंगाई) अब 4.4% तक पहुंचने की उम्मीद है, जो ऊर्जा आयात करने वाले गरीब और मध्यम आय वाले देशों के लिए एक बड़ा झटका है ।
क्षेत्रीय प्रभावों की बात करें तो, यूरोज़ोन (Eurozone) की विकास दर 1.1% तक गिर सकती है, क्योंकि वहां प्राकृतिक गैस की कीमतें आसमान छू रही हैं । अमेरिका का विकास अनुमान भी गिरकर 2.3% रह गया है । दिलचस्प बात यह है कि रूस, जो एक बड़ा ऊर्जा निर्यातक है, उसकी अर्थव्यवस्था में 1.1% की मामूली वृद्धि का अनुमान लगाया गया है क्योंकि उसे तेल की ऊंची कीमतों का लाभ मिल रहा है । आईएमएफ ने चेतावनी दी है कि यदि यह ऊर्जा संकट 2027 तक जारी रहता है और केंद्रीय बैंकों को ब्याज दरें बढ़ानी पड़ती हैं, तो वैश्विक विकास दर 2% तक गिर सकती है, जो दुनिया को एक गहरी मंदी (Global Recession) की ओर धकेल देगा ।
Key Highlights
IMF ने 2026 वैश्विक विकास दर का अनुमान 3.3% से घटाकर 3.1% किया ।
ईरान संघर्ष के कारण तेल और गैस की कीमतों में 19% की भारी वृद्धि हुई है ।
वैश्विक महंगाई दर 4.4% तक पहुंचने का अनुमान है, जिससे गरीब देश सबसे ज्यादा प्रभावित होंगे ।
रूस की अर्थव्यवस्था में तेल की कीमतों के कारण 1.1% की मामूली बढ़त का अनुमान ।
होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने से खाद (Fertilizer) और खाद्य पदार्थों की कीमतें भी बढ़ी हैं ।


