राधे पटेल/ गरियाबंदछत्तीसगढ़ में अप्रैल का महीना अपने पूरे रौद्र रूप में आ चुका है। प्रदेश भर में भीषण गर्मी और लू (Heat Wave) के थपेड़ों ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। सुबह 9 बजे से ही सूरज की चुभन बर्दाश्त के बाहर हो रही है और दोपहर होते-होते सड़कें पूरी तरह सूनी पड़ जा रही हैं।
आग उगल रहे हैं शहर: राजनांदगांव सबसे गर्म मौसम विभाग के ताजा आंकड़ों (18-19 अप्रैल) पर नजर डालें तो स्थिति की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
राजनांदगांव: यहां गर्मी ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं और पारा 45°C के खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है।
रायपुर और दुर्ग: राजधानी रायपुर और दुर्ग जिले भट्टी की तरह तप रहे हैं। यहाँ का अधिकतम तापमान 43.2°C दर्ज किया गया है।
अंबिकापुर: आमतौर पर ठंडे रहने वाले सरगुजा संभाग के अंबिकापुर में भी पारा 39.6°C तक जा पहुंचा है, जो चिंता का विषय है।
मौसम विभाग (IMD) का बड़ा अलर्ट: आ रही है आंधी और बारिश लगातार बढ़ते इस जानलेवा तापमान के बीच भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने प्रदेशवासियों के लिए एक राहत भरी खबर दी है। पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) और द्रोणिका के प्रभाव के चलते मौसम के मिजाज में अचानक बदलाव देखने को मिलेगा।
मौसम विभाग के अनुसार, 20 और 21 अप्रैल को प्रदेश के कई स्थानों पर मौसम करवट लेगा। इस दौरान:
तेज हवाएं: 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से अंधड़ चलने की संभावना है।
गरज-चमक और वज्रपात: कई जिलों में आसमान में काले बादल छाएंगे और बिजली गिरने (Thunderstorm) की चेतावनी जारी की गई है।
हल्की बारिश: कुछ स्थानों पर हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है, जिससे तापमान में 2 से 3 डिग्री की गिरावट दर्ज की जा सकती है और लू से आंशिक रूप से बड़ी राहत मिलेगी।
NEWS VEB की जनहित में अपील: खुद को सुरक्षित रखें भले ही बारिश की उम्मीद है, लेकिन वर्तमान में चल रही लू बेहद खतरनाक है। हमारी आपसे अपील है:
हाइड्रेटेड रहें: दिन भर खूब पानी पिएं। ओआरएस (ORS), नींबू पानी, छाछ और लस्सी का सेवन लगातार करते रहें।
धूप से बचें: बहुत जरूरी न हो, तो दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक घर से बाहर निकलने से बचें।
सिर और आंखें ढकें: बाहर निकलते समय सूती कपड़े का इस्तेमाल करें, सिर को गमछे या टोपी से ढकें और आंखों पर चश्मा लगाएं।
बच्चों और बुजुर्गों का खास ख्याल: छोटे बच्चों और बुजुर्गों को इस भीषण गर्मी से विशेष तौर पर बचाकर रखें, क्योंकि वे हीट स्ट्रोक के प्रति सबसे ज्यादा संवेदनशील होते हैं।


