राधे पटेल/ गरियाबंद गरियाबंद। जिले के जंगलों में लगातार लग रही आग और वन अधिकारियों की कार्यप्रणाली को लेकर मुरलीधर सिन्हा ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि गरियाबंद जिला में स्थित उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व तथा गरियाबंद वन मंडल के कई मैदानी अधिकारी मुख्यालय में निवास नहीं कर रहे हैं, जिसके कारण जंगलों में आग और अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण नहीं हो पा रहा है।
उन्होंने आरोप लगाते हुए बताया कि हाल ही में अपने क्षेत्रीय दौरे से लौटते समय कई स्थानों पर जंगलों में धूं-धूं कर आग जलती देखी गई, जिससे बड़े पैमाने पर वन संपदा को नुकसान पहुंचा है। उनका कहना है कि पूरा जंगल केवल फायर वाचरों के भरोसे छोड़ दिया गया है, जबकि जिम्मेदार अधिकारी मुख्यालय में उपस्थित नहीं रहते।
सिन्हा ने यह भी आरोप लगाया कि अधिकारियों की अनुपस्थिति के कारण जंगलों में अवैध कटाई, अवैध कब्जा तथा जंगली जानवरों के अवैध शिकार की घटनाएं बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि कुछ अवैध शिकारियों के पकड़े जाने की घटनाएं इन गतिविधियों का प्रमाण हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि कई अधिकारी मुख्यालय में उपस्थित न रहने के बावजूद अपने दौरे दर्शाते हुए फर्जी ड्यूटी डायरी और लॉक बुक भर रहे हैं, जिससे विभाग को प्रतिवर्ष लाखों रुपये का नुकसान होने की आशंका है। उनके अनुसार यदि ड्यूटी डायरी और लॉक बुक की निष्पक्ष जांच कराई जाए तो कई अनियमितताएं सामने आ सकती हैं।
सिन्हा के मुताबिक उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व का क्षेत्र गरियाबंद से लगभग 45 किलोमीटर दूर प्रारंभ होता है, जबकि उसका मुख्यालय गरियाबंद में होना समझ से परे है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब मुख्यालय अभ्यारण्य क्षेत्र से काफी दूर है, तो जंगलों की प्रभावी निगरानी कैसे संभव हो पाएगी।
उन्होंने बताया कि देवभोग, इंदागांव वन परिक्षेत्र अंतर्गत कांदाडोंगर देवस्थल के आसपास का जंगल हाल ही में आग की चपेट में आकर काफी हद तक जल गया, जिससे क्षेत्र की हरियाली और प्राकृतिक सुंदरता को भारी नुकसान पहुंचा है।
इसी प्रकार धवलपुर, नवागढ़ तथा अन्य क्षेत्रों के जंगलों में भी आग से नुकसान होने की बात कही गई है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते अधिकारियों की उपस्थिति सुनिश्चित नहीं की गई और निगरानी व्यवस्था मजबूत नहीं की गई, तो जंगलों को और अधिक नुकसान हो सकता है।
भाजपा नेता ने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर संबंधित अधिकारियों की ड्यूटी डायरी एवं लॉक बुक की जांच करा


