राधे पटेल / गरियाबंद धमतरी। जिले में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ धमतरी पुलिस का अभियान लगातार प्रभावी साबित हो रहा है। इसी कड़ी में एक बार फिर पुलिस ने अंतरराज्यीय गांजा तस्करी के बड़े नेटवर्क पर करारा प्रहार करते हुए लगभग 55 किलोग्राम गांजा, एक रेनॉल्ट डस्टर कार, चार मोबाइल फोन समेत कुल 33,53,500 रुपये की संपत्ति जब्त की है। इस कार्रवाई में तीन तस्करों को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस अधीक्षक के निर्देशानुसार जिले में मादक पदार्थों के अवैध परिवहन पर सख्त निगरानी रखी जा रही है। सीमावर्ती क्षेत्रों में लगातार सघन चेकिंग और अंतरराज्यीय समन्वय के चलते तस्करी के नेटवर्क को कमजोर करने में महत्वपूर्ण सफलता मिल रही है।
सांकरा चेक पोस्ट पर बड़ी कार्रवाई
दिनांक 04 मई 2026 को सांकरा चेक पोस्ट पर वाहन जांच के दौरान मैनपुर की ओर से आ रही एक संदिग्ध रेनॉल्ट डस्टर (MH 45 AD 9001) को रोका गया। तलाशी के दौरान वाहन की डिक्की से 38 पैकेटों में भरा 54.970 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ, जिसकी अनुमानित कीमत 27,50,000 रुपये बताई जा रही है।
पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे यह गांजा ओडिशा के बलांगीर से खरीदकर महाराष्ट्र के नासिक ले जा रहे थे।
जब्त सामग्री का विवरण
- गांजा – 54.970 किलोग्राम (₹27,50,000)
- रेनॉल्ट डस्टर वाहन – ₹5,00,000
- 04 मोबाइल फोन – ₹1,03,500
- कुल जब्ती – ₹33,53,500
आरोपियों की पहचान
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान महाराष्ट्र के विभिन्न जिलों के निवासियों के रूप में हुई है:
- अमोल अरुण ओढे़कर (33 वर्ष, नासिक)
- तनिष गायकवाड (19 वर्ष, अहमदनगर)
- ऋषिकेश सिरसाट (23 वर्ष, अहमदनगर)
तीनों आरोपियों के खिलाफ थाना सिहावा में एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(बी) के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेजा जा रहा है।
15 दिन पहले भी हुई थी बड़ी कार्रवाई
उल्लेखनीय है कि लगभग 15 दिन पूर्व ही सांकरा नाके पर सिहावा पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीम ने 127 किलोग्राम गांजा जब्त किया था, जिसकी कुल कीमत लगभग 72,71,000 रुपये आंकी गई थी।
लगातार हो रही इन कार्रवाइयों से यह स्पष्ट है कि धमतरी पुलिस तस्करी नेटवर्क को जड़ से खत्म करने के लिए रणनीतिक और सख्त कदम उठा रही है।
मजबूत हो रहा अंतरराज्यीय समन्वय
बोरई, कुन्दई (ओडिशा) और विश्रामपुरी (कोंडागांव) ट्राई-जंक्शन पर पुलिस द्वारा बढ़ाए गए समन्वय और नियमित समीक्षा बैठकों के कारण तस्करों की गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा रहा है। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि हर संदिग्ध गतिविधि पर पैनी नजर रखी जाए और प्रत्येक वाहन की गहन जांच सुनिश्चित की जाए।


