राधे पटेल / गरियाबंद गरियाबंद। जिले के तौरेगा क्षेत्र से एक बेहद दर्दनाक मामला सामने आया है। यहां आवारा कुत्तों के हमले से घायल हुए एक नर हिरण (Male Deer) की इलाज के दौरान मौत हो गई। इस घटना ने एक बार फिर वन्यजीव सुरक्षा और वन विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
कुत्तों के हमले से घायल हुआ नर हिरण
मिली जानकारी के अनुसार, तौरेगा के पास जंगल किनारे एक नर हिरण को कुत्तों के झुंड ने दौड़ा लिया। डर के कारण वह बुरी तरह घायल हो गया।
- हिरण के दाहिने पैर में चोट लगी थी
- घबराहट और भागने के दौरान उसकी हालत और बिगड़ गई
रेस्क्यू के बाद भी नहीं बच सकी जान
घटना की सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और घायल हिरण को इलाज के लिए ले जाया गया।
👉 लेकिन गंभीर रूप से घायल होने के कारण और समय पर उचित इलाज नहीं मिल पाने से
👉 हिरण ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया
जांच नाका पास होने के बावजूद नहीं बचाया जा सका
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि
👉 घटनास्थल के पास ही जांच नाका मौजूद था,
फिर भी समय पर प्रभावी मदद नहीं मिल सकी।
👉 स्थानीय लोगों का आरोप है कि
- वन विभाग की लापरवाही के कारण
- घायल हिरण को समय पर उचित उपचार नहीं मिल पाया
वन्यजीवों के लिए बढ़ता खतरा
विशेषज्ञों के अनुसार, भारत में आवारा कुत्ते वन्यजीवों के लिए बड़ा खतरा बनते जा रहे हैं और कई बार हिरण जैसे जानवर इनके हमलों का शिकार होते हैं
हाल ही में छत्तीसगढ़ में भी कुत्तों के हमले से कई हिरणों की मौत के मामले सामने आ चुके हैं, जिससे यह समस्या और गंभीर होती जा रही है
तौरेगा की यह घटना सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि एक चेतावनी है।
एक तरफ आवारा कुत्तों का खतरा,दूसरी तरफ वन विभाग की कथित लापरवाही,
इन दोनों के कारण एक बेजुबान जानवर की जान चली गई।
अब जरूरत है कि प्रशासन
- वन्यजीव सुरक्षा को मजबूत करे
- और ऐसे मामलों में तुरंत और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करे


