राधे पटेल/ गरियाबंदNH-130C पर मृत अवस्था में मिला तेंदुआ
राष्ट्रीय राजमार्ग NH-130C पर मैनपुर से लगभग 10–12 किलोमीटर दूरी धवलपुर मार्ग पर एक तेंदुआ (जिसे कई क्षेत्रों में बघेरा या चीता भी कहा जाता है) मृत अवस्था में मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। स्थानीय लोगों द्वारा सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और पूरे मामले की जांच शुरू की।
घटना की जानकारी मिलते ही धवलपुर रेंज (राजस्व सीमा परागांव रपटा नाला) के वन विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और शव को अपने कब्जे में लिया। सड़क किनारे सूखी घास के बीच तेंदुआ मृत अवस्था में पड़ा मिला, जिसे देखने के लिए आसपास के ग्रामीणों की भीड़ भी जमा हो गई।

वन विभाग की मौजूदगी में किया गया पोस्टमार्टम
वन विभाग धवलपुर रेंज के रेंजर कामता प्रसाद की उपस्थिति में मृत तेंदुए का विधिवत पोस्टमार्टम (PM) कराया गया। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद वन विभाग द्वारा निर्धारित नियमों के अनुसार शव का दाह – सस्कार किया गया।
अधिकारियों के अनुसार, तेंदुए की मौत के सही कारणों का पता लगाने के लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों की पुष्टि हो सकेगी।

मौत के कारण को लेकर कई आशंकाएं
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, तेंदुए की मौत के पीछे कई संभावित कारणों की आशंका जताई जा रही है। अधिकारियों और स्थानीय लोगों के अनुसार, पानी की तलाश में सड़क की ओर आने या किसी तेज रफ्तार वाहन से टक्कर होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
हालांकि, इस तरह की घटनाओं में कभी-कभी शिकारियों द्वारा जहर देने की घटनाएं भी सामने आती रही हैं, क्योंकि तेंदुए की खाल की अवैध तस्करी से जुड़े मामले पहले भी सामने आ चुके हैं। लेकिन इस मामले में अभी तक जहर देने की पुष्टि नहीं हुई है और इसे केवल एक आशंका के रूप में देखा जा रहा है।
वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।
क्षेत्र में पहले भी दिख चुका है तेंदुओं का मूवमेंट
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, इस क्षेत्र में पहले भी कई बार तेंदुओं की आवाजाही देखी गई है। जंगल से सटे इलाकों में पानी और भोजन की तलाश में वन्यजीव अक्सर सड़क किनारे तक पहुंच जाते हैं, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि यदि किसी भी प्रकार की वन्यजीव गतिविधि दिखाई दे, तो तुरंत विभाग को सूचना दें और स्वयं किसी भी प्रकार की जोखिम भरी कार्रवाई से बचें।
अब सबकी नजर पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर
फिलहाल इस पूरे मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि तेंदुए की मौत वाहन टक्कर, पानी की तलाश में भटकने या किसी अन्य कारण से हुई है।
वन विभाग ने मामले की जांच जारी रखने की बात कही है, ताकि यदि इसमें किसी प्रकार की अवैध गतिविधि सामने आती है, तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सके।


