राधे पटेल / गरियाबंद बालोद।जिला कांग्रेस कमेटी बालोद द्वारा आज राजीव भवन बालोद में महिला आरक्षण को लेकर केंद्र सरकार की नीतियों के विरोध में जिला स्तरीय पत्रकारवार्ता आयोजित की गई। इस दौरान कांग्रेस नेताओं ने भाजपा पर महिला आरक्षण के नाम पर परिसीमन कर राजनीतिक लाभ लेने की मंशा रखने का आरोप लगाया।

पत्रकारवार्ता को संबोधित करते हुए अंबिका मरकाम ने कहा कि कांग्रेस महिला आरक्षण के समर्थन में पहले भी थी, आज भी है और आगे भी रहेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा द्वारा यह भ्रम फैलाया जा रहा है कि कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने महिला आरक्षण बिल का समर्थन नहीं किया, जबकि यह पूरी तरह गलत है।
उन्होंने बताया कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 (128वां संविधान संशोधन विधेयक) संसद के दोनों सदनों में पारित हो चुका है और इस पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के हस्ताक्षर के बाद यह कानून बन चुका है। इसके बावजूद सरकार द्वारा इसे तत्काल लागू नहीं किया जा रहा है, जो सवाल खड़े करता है।
उन्होंने आगे कहा कि 16 अप्रैल 2026 को केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तुत 131वां संविधान संशोधन विधेयक में महिला आरक्षण को आधार बनाकर परिसीमन संशोधन और केंद्रशासित प्रदेश कानून संशोधन को पारित कराने की कोशिश की गई। इस प्रस्ताव में 2011 की जनगणना को आधार बनाकर लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाकर 850 करने का प्रस्ताव भी शामिल था।
अनिला भेंडिया ने उठाए सवाल
इस दौरान अनिला भेंडिया ने केंद्र सरकार को कठघरे में खड़ा करते हुए कहा कि जब 2026–27 की जनगणना शुरू हो चुकी है और जातिगत जनगणना की बात भी स्वीकार की जा चुकी है, तो नए आंकड़ों के आधार पर परिसीमन कर महिला आरक्षण लागू क्यों नहीं किया जा रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा की मंशा महिला आरक्षण देने की नहीं, बल्कि अपने मनमुताबिक परिसीमन कराने की थी, जो विपक्षी दलों की एकजुटता के कारण सफल नहीं हो सकी। उन्होंने यह भी कहा कि पंचायतों और स्थानीय निकायों में महिलाओं को जो आरक्षण मिल रहा है, वह कांग्रेस की नीतियों का परिणाम है।
इतिहास का भी किया उल्लेख
नेताओं ने बताया कि पंचायत और नगरीय निकायों में महिलाओं को आरक्षण देने की पहल पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी द्वारा 1989 में की गई थी। बाद में 1993 में तत्कालीन प्रधानमंत्री पी. वी. नरसिम्हा राव के कार्यकाल में यह कानून लागू हुआ।
संसद और विधानसभाओं में महिलाओं को आरक्षण देने के लिए पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह द्वारा 2010 में संविधान संशोधन विधेयक लाया गया था, जो राज्यसभा में पारित हुआ था।
कार्यक्रम में ये रहे मौजूद
पत्रकारवार्ता के दौरान जिला कांग्रेस कमेटी बालोद के अध्यक्ष चंद्रेश हिरवानी, उपाध्यक्ष रामजी भाई पटेल, पुरुषोत्तम पटेल, महामंत्री भोजराज साहू, सतीश यादव, प्रवक्ता मोंटू चंद्राकर, सचिव अजय लोनहारे, शहर कांग्रेस अध्यक्ष अंचल प्रकाश साहू, ब्लॉक अध्यक्ष नरेंद्र सिन्हा, महिला कांग्रेस अध्यक्ष पद्मिनी साहू सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।


