राधे पटेल / गरियाबंद
गरियाबंद।जिले के मैनपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत आमाड के आश्रित ग्राम देवझरअमली और कुम्भकोट के सैकड़ों ग्रामीणों ने पुल निर्माण कार्य पर रोक लगाए जाने के विरोध में राष्ट्रीय राजमार्ग NH-130C पर चक्का जाम और धरना-प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन देर रात लगभग 04 बजे से शुरू होकर शाम करीब 6 बजे तक लगातार जारी रहा, जिससे मार्ग पर यातायात प्रभावित रहा।

जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत आमाड के आश्रित गांव NH-130C जुगाड़ मार्ग से लगभग 9 किलोमीटर अंदर स्थित हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि आजादी के 77 वर्ष बाद भी इन गांवों में सड़क, पुल-पुलिया और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओं का अभाव बना हुआ है। इससे ग्रामीणों को दैनिक जीवन, शिक्षा, स्वास्थ्य और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
पुल निर्माण पर रोक से बढ़ा आक्रोश
ग्रामीणों के अनुसार पट्टाबहाल नाला पर प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत पुल निर्माण के लिए राशि 1.5CR स्वीकृत होने के बाद पुराने रपट को तोड़कर निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया गया था। लेकिन निर्माण शुरू होने के कुछ समय बाद वन विभाग DFO वरुण जैन द्वारा एनओसी (NOC) के अभाव का हवाला देते हुए कार्य रोक दिया गया।
इसी निर्णय के विरोध में लगभग सैकड़ो ग्रामीण सड़क पर उतर आए और NH-130C पर चक्का जाम कर प्रशासन के खिलाफ विरोध दर्ज कराया।
ग्रामीणों का कहना है कि पुल निर्माण रुकने से आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया है और बरसात के मौसम में गांवों का संपर्क मुख्य मार्ग से कट जाने की आशंका बनी रहती है।
प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी

स्थिति को नियंत्रित करने और ग्रामीणों से संवाद स्थापित करने के लिए जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। मौके पर SDM हितेश्वरी बाघे, नक्सल सेल SP धीरेंद्र कुमार, मैनपुर थाना प्रभारी शिवशंकर हुर्रा सहित पुलिस के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
इसके साथ ही उदंती अभयारण्य क्षेत्र के वन विभाग के अधिकारी और स्वास्थ्य विभाग इंदागांव की टीम भी एहतियातन मौके पर मौजूद रही।
जनप्रतिनिधियों ने दिया समर्थन
धरना-प्रदर्शन का संचालन ग्राम आमाड के पूर्व सरपंच पुरषोत्तम मांझी ने किया। इस दौरान जिला पंचायत सदस्य संजय नेताम, लोकेश्वरी नेताम तथा पूर्व विधायक प्रत्याशी (GGP) टिकम नागवंशी भी ग्रामीणों के समर्थन में मौजूद रहे।
प्रमुख मांगें
ग्रामीणों ने प्रशासन के समक्ष अपनी कई प्रमुख मांगें रखीं, जिनमें—
- पट्टाबहाल नाला पर पुल निर्माण कार्य शीघ्र शुरू करने की अनुमति
- आमाड नदी पर उच्च स्तरीय पुल निर्माण के लिए राशि स्वीकृति
- NH-130C जुगाड़ से आमाड-देवझरअमली तक उन्नत सड़क निर्माण
- ग्राम पंचायत के सभी आश्रित गांवों में विद्युतीकरण
- SCA मद से प्राप्त 10 करोड़ रुपये की अतिरिक्त विकास योजनाओं का लाभ गांवों को दिलाना
ग्रामीणों ने यह भी कहा कि ग्राम सभा द्वारा पेसा एक्ट के तहत पारित प्रस्तावों के बावजूद पुल निर्माण पर रोक लगाना उचित नहीं है। उनका कहना था कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में ग्राम सभा का निर्णय सर्वोपरि माना जाना चाहिए।
प्रशासन ने दिया आश्वासन
लंबे समय तक चले प्रदर्शन के बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने ग्रामीणों को उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई और उच्च स्तर पर समाधान कराने का आश्वासन दिया। आश्वासन मिलने के बाद देर शाम ग्रामीणों ने चक्का जाम समाप्त किया।
ग्राम आमाड, देवझरअमली और कुम्भकोट के ग्रामीणों का यह प्रदर्शन क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं की कमी और विकास कार्यों में आ रही प्रशासनिक अड़चनों को उजागर करता है। अब देखना होगा कि प्रशासन और संबंधित विभाग ग्रामीणों की मांगों पर कितनी शीघ्र कार्रवाई करते हैं, ताकि लंबे समय से लंबित विकास कार्यों को गति मिल सके।


