ड्रोन सर्वे में खुलासा—220 मीटर चौड़ी नदी कई जगह सिमटकर रह गई थी 80 मीटर, प्रशासन बोला- अब नहीं बख्शेंगे कब्जाधारी
बालोद: जीवनदायिनी तांदुला नदी को उसके वास्तविक स्वरूप में वापस लाने के लिए जिला प्रशासन ने सोमवार सुबह बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी। ग्राम सिवनी और देउरतराई क्षेत्र में नदी किनारे किए गए अवैध कब्जों को हटाने के लिए राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम सुबह 5:30 बजे से मैदान में उतर गई। प्रशासन ने जेसीबी मशीनों की मदद से नदी क्षेत्र में बनाए गए अवैध खेतों की मेड़ों को तोड़ना शुरू कर दिया है।
प्रशासन के मुताबिक करीब साढ़े सात एकड़ नदी भूमि पर अवैध कब्जा किया गया था। कार्रवाई के तहत कब्जे वाली जमीन को नदी के समानांतर समतल किया जा रहा है, ताकि जलभराव कर तांदुला नदी की जलधारण क्षमता को फिर से बढ़ाया जा सके। अधिकारियों का कहना है कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य नदी को उसका पुराना वैभव लौटाना है।
इससे पहले तहसीलदार कार्यालय की ओर से 14 अतिक्रमणकारियों को 24 घंटे के भीतर कब्जा हटाने का अंतिम नोटिस जारी किया गया था। समय सीमा पूरी होते ही प्रशासन ने बिना देरी कार्रवाई शुरू कर दी। इलाके में किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए भारी पुलिस बल भी तैनात किया गया है।
दरअसल, कुछ महीने पहले भी प्रशासन ने यहां अतिक्रमण हटाने की तैयारी की थी, लेकिन खेतों में ग्रीष्मकालीन धान की फसल लगी होने के कारण मानवीय आधार पर अभियान रोक दिया गया था। अब फसल कटने के बाद प्रशासन ने दोबारा मोर्चा खोल दिया है।
राजस्व विभाग और ड्रोन सर्वे की जांच में सामने आया कि कभी लगभग 220 मीटर चौड़ी रहने वाली तांदुला नदी कई स्थानों पर सिकुड़कर महज 80 से 90 मीटर तक रह गई थी। जांच में यह भी पता चला कि कई अतिक्रमणकारियों के पास अन्य स्थानों पर भी जमीन मौजूद है और कुछ लोग नदी की जमीन को रेगहा पर देकर लाभ कमा रहे थे।
प्रशासन का कहना है कि यदि समय रहते कब्जे नहीं हटाए जाते, तो आने वाले वर्षों में नदी का अस्तित्व खतरे में पड़ सकता था। इसलिए यह कार्रवाई केवल अतिक्रमण हटाने तक सीमित नहीं है, बल्कि जिले के जल स्रोत और पर्यावरण को बचाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
कार्रवाई के दौरान एसडीएम नूतन कंवर, एसडीओपी बोनिफस एक्का, तहसीलदार आशुतोष शर्मा, नायब तहसीलदार मुकेश गजेंद्र, थाना प्रभारी शिशुपाल सिंह, ट्रैफिक टीआई रविशंकर पाण्डेय, गुण्डरदेही थाना प्रभारी नवीन बोरकर, रक्षित निरीक्षक रेवती वर्मा और जल संसाधन विभाग के उप अभियंता विशाल राठौर सहित कई अधिकारी मौके पर मौजूद रहे।


