रायगढ़ में 72 घंटे में अफीम माफिया पर बड़ा प्रहार, संगठित नेटवर्क की आहट से बढ़ी चिंता

रायगढ़/रायपुर। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान ने अब एक बड़े आपराधिक नेटवर्क की ओर इशारा करना शुरू कर दिया है। बीते 72 घंटों में जिला प्रशासन और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई ने न सिर्फ अफीम की अवैध खेती का पर्दाफाश किया है, बल्कि इस धंधे में संगठित गिरोह की संभावित भूमिका को भी उजागर कर दिया है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर चल रही इस सख्त कार्रवाई में कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी और एसएसपी शशिमोहन सिंह की अगुवाई में प्रशासनिक मशीनरी पूरी तरह एक्टिव मोड में नजर आई।
सब्जी की आड़ में ‘नशे का कारोबार’
जांच में सबसे चौंकाने वाला खुलासा तमनार क्षेत्र के आमाघाट में हुआ, जहां सब्जी की खेती की आड़ में बड़े पैमाने पर अफीम उगाई जा रही थी। पुलिस ने यहां से 60 हजार से ज्यादा अफीम के पौधे जब्त किए, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 2 करोड़ रुपये बताई जा रही है। इस मामले में झारखंड निवासी मुख्य आरोपी को हिरासत में लिया गया है, जिससे अंतरराज्यीय नेटवर्क की आशंका भी मजबूत हुई है।
गांव-गांव तक फैला जाल
कार्रवाई का दायरा केवल एक इलाके तक सीमित नहीं रहा। लैलूंगा के नवीन घटगांव और मुड़ागांव जैसे ग्रामीण क्षेत्रों में भी अफीम की खेती और भंडारण के मामले सामने आए हैं। यहां छोटे-छोटे खेतों में साग-भाजी के बीच अफीम उगाई जा रही थी, ताकि प्रशासन की नजर से बचा जा सके।
इतना ही नहीं, एक आरोपी के घर से अफीम की सूखी फसल भी बरामद हुई, जो इस बात का संकेत है कि यह केवल खेती तक सीमित नहीं, बल्कि प्रोसेसिंग और सप्लाई चेन का हिस्सा भी हो सकता है।
ड्रोन से खुल रहे ‘नशे के राज’
प्रशासन ने इस अभियान में आधुनिक तकनीक का सहारा लिया है। जिले के कई विकासखंडों में ड्रोन सर्वे के जरिए दूरस्थ और दुर्गम इलाकों की निगरानी की गई। इस तकनीक ने उन क्षेत्रों तक पहुंच आसान कर दी, जहां पारंपरिक तरीकों से जांच मुश्किल थी।
संगठित गिरोह की आशंका गहराई
लगातार मिल रहे मामलों और अलग-अलग स्थानों पर एक जैसे पैटर्न ने पुलिस की चिंता बढ़ा दी है। शुरुआती जांच में यह संकेत मिल रहे हैं कि जिले में संगठित तरीके से अफीम की खेती कराई जा रही है, जिसमें बाहरी राज्यों के लोगों की भी भूमिका हो सकती है।
कानून का शिकंजा कसने की तैयारी
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सभी आरोपियों पर नारकोटिक्स एक्ट के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल हिरासत में लिए गए संदिग्धों से पूछताछ जारी है और उनके नेटवर्क को खंगालने की कोशिश की जा रही है।
जनता से अपील
प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें। क्योंकि यह सिर्फ कानून का मामला नहीं, बल्कि समाज को नशे के जाल से बचाने की लड़ाई भी है।
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निष्कर्ष
रायगढ़ में 72 घंटे के भीतर हुई ताबड़तोड़ कार्रवाई ने यह साफ कर दिया है कि अवैध अफीम की खेती अब एक संगठित अपराध का रूप ले चुकी है। प्रशासन की सख्ती से जहां माफिया में हड़कंप है, वहीं आने वाले दिनों में और बड़े खुलासों की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।


