Movie Review: लंबे समय बाद बॉलीवुड की सबसे पसंदीदा कॉमेडी जोड़ियों में से एक, अक्षय कुमार और प्रियदर्शन, फिल्म ‘भूत बंगला’ के जरिए फिर साथ आए हैं। हॉरर और कॉमेडी के मिश्रण के साथ बनी यह फिल्म दर्शकों को हंसाने के साथ-साथ रहस्य और डर का अनुभव देने की कोशिश करती है। हालांकि फिल्म अपने पहले भाग में दर्शकों का भरपूर मनोरंजन करती है, लेकिन दूसरे हिस्से में इसकी पकड़ कुछ कमजोर पड़ती नजर आती है।
कहानी

फिल्म की कहानी एक पुराने और रहस्यमयी बंगले के इर्द-गिर्द घूमती है, जहां अजीबोगरीब घटनाएं होती रहती हैं। अक्षय कुमार का किरदार परिस्थितियों के चलते इस बंगले के रहस्य में फंस जाता है। इसके बाद शुरू होता है कॉमेडी, भ्रम, रहस्य और कुछ डरावने पलों का सिलसिला।
फिल्म का शुरुआती हिस्सा काफी मनोरंजक है और दर्शकों को लगातार बांधे रखता है। लेकिन जैसे-जैसे कहानी आगे बढ़ती है, स्क्रीनप्ले कमजोर पड़ने लगता है और कई दृश्य जरूरत से ज्यादा खिंचे हुए महसूस होते हैं।
अभिनय
अक्षय कुमार अपनी शानदार कॉमिक टाइमिंग के साथ फिल्म की जान बने हुए हैं। कई दृश्यों में उनका पुराना अंदाज देखने को मिलता है, जो दर्शकों को हंसाने में सफल रहता है।
परेश रावल और राजपाल यादव की जोड़ी फिल्म का सबसे मजबूत पक्ष है। दोनों कलाकारों के संवाद और कॉमिक सीन थिएटर में हंसी के ठहाके लगाने पर मजबूर कर देते हैं। असरानी भी अपने छोटे लेकिन प्रभावी रोल में यादगार छाप छोड़ते हैं।
क्या है फिल्म की सबसे बड़ी ताकत?
फिल्म का पहला हाफ इसकी सबसे बड़ी ताकत है। प्रियदर्शन की क्लासिक कॉमेडी शैली और कलाकारों की शानदार केमिस्ट्री पुराने दौर की सुपरहिट कॉमेडी फिल्मों की याद दिलाती है। कई जगह फिल्म ‘भूल भुलैया’ जैसी फिल्मों का एहसास भी कराती है, जो दर्शकों के लिए नॉस्टैल्जिया का काम करता है।
इसके अलावा फिल्म की सिनेमेटोग्राफी और विजुअल इफेक्ट्स भी अच्छे हैं। रहस्यमयी बंगले का माहौल पर्दे पर प्रभावशाली दिखता है।
कहां कमजोर पड़ती है फिल्म?
फिल्म का दूसरा हिस्सा इसकी सबसे बड़ी कमजोरी बनकर सामने आता है। कई कॉमेडी सीन दोहराव का शिकार हो जाते हैं और कहानी की गति धीमी पड़ जाती है।
हॉरर-कॉमेडी होने के बावजूद फिल्म में हॉरर का तत्व काफी सीमित नजर आता है। डर पैदा करने वाले दृश्य अपेक्षित प्रभाव नहीं छोड़ते और फिल्म पूरी तरह कॉमेडी की तरफ झुक जाती है।
संगीत भी कुछ खास प्रभाव नहीं छोड़ता। गाने और बैकग्राउंड स्कोर औसत हैं और यादगार बनने में असफल रहते हैं।
अंतिम फैसला
अगर आप अक्षय कुमार, परेश रावल और राजपाल यादव की कॉमेडी के प्रशंसक हैं, तो ‘भूत बंगला’ आपके लिए एक मनोरंजक अनुभव साबित हो सकती है। फिल्म का पहला भाग आपको खूब हंसाएगा और पुरानी बॉलीवुड कॉमेडी फिल्मों की याद दिलाएगा।
हालांकि, यदि आप ‘भूल भुलैया’ जैसी मजबूत कहानी और प्रभावशाली हॉरर की उम्मीद लेकर थिएटर जाएंगे, तो थोड़ी निराशा हो सकती है।
कुल मिलाकर, ‘भूत बंगला’ एक वन-टाइम वॉच हॉरर-कॉमेडी है, जो मनोरंजन तो करती है लेकिन यादगार बनने से थोड़ा पीछे रह जाती है।
रेटिंग: ⭐⭐⭐☆☆ (3/5)





