राधे पटेल / गरियाबंदगरियाबंद जिले के मैनपुर क्षेत्र में स्थित भाठीगढ़ पहाड़ी से निकलने वाली पैरी नदी जिले की एक प्रमुख जीवनदायिनी नदी मानी जाती है। यह वही स्थान है, जिसे पैरी नदी का उद्गम स्थल माना जाता है। लेकिन आश्चर्य की बात यह है कि इतनी महत्वपूर्ण जल और पर्यटन धरोहर होने के बावजूद यहां पर्यटन विभाग और जल संसाधन विभाग के पास लगाने को एक स्थायी सूचना बोर्ड तक नहीं है, जिससे आने वाले लोगों को इस स्थान की सही जानकारी नहीं मिल पाती।
पैरी नदी का उद्गम: जिले की महत्वपूर्ण पहचान
जानकारी के अनुसार पैरी नदी का उद्गम भाठीगढ़ पहाड़ियों से माना जाता है और यह आगे चलकर राजिम के पास महानदी में जाकर मिलती है। इस नदी की लंबाई लगभग 90 किलोमीटर बताई जाती है, जो क्षेत्र की सिंचाई और जल व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
गरियाबंद जिले की आधिकारिक जानकारी में भी भाठीगढ़ को पैरी नदी का उद्गम स्थल (Cradle of Pairi River) बताया गया है, जो जिले के प्रमुख प्राकृतिक स्थलों में शामिल है।
पर्यटन की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण स्थल
भाठीगढ़ क्षेत्र को जिले के प्रमुख पर्यटन स्थलों में भी गिना जाता है। यहां प्राकृतिक पहाड़ियां, धार्मिक स्थल और शांत वातावरण पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। जिला स्तर पर भी भाठीगढ़ को प्रमुख पर्यटन स्थलों की सूची में शामिल किया गया है।
हर वर्ष यहां स्थानीय श्रद्धालु और पर्यटक बड़ी संख्या में पहुंचते हैं, लेकिन सुविधाओं की कमी साफ दिखाई देती है।
इतनी बड़ी धरोहर, फिर भी बोर्ड तक नहीं

स्थानीय लोगों और आगंतुकों का कहना है कि इतने महत्वपूर्ण उद्गम स्थल पर न तो पर्यटन विभाग द्वारा और न ही जल संसाधन विभाग द्वारा कोई स्थायी सूचना बोर्ड लगाया गया है।
इसके कारण कई समस्याएं सामने आती हैं:
- बाहरी पर्यटकों को पता नहीं चल पाता कि यह पैरी नदी का उद्गम स्थल है।
- स्थल के ऐतिहासिक और भौगोलिक महत्व की जानकारी लोगों तक नहीं पहुंचती।
- पर्यटन विकास की संभावनाएं प्रभावित होती हैं।
- जल संरक्षण के प्रति जागरूकता भी कम होती है।
यदि यहां पर्यटन विभाग और जल संसाधन विभाग द्वारा संयुक्त रूप से सूचना बोर्ड लगाया जाए, तो यह स्थान जिले की पहचान के रूप में और अधिक विकसित हो सकता है।
विकास और संरक्षण की आवश्यकता
भाठीगढ़ पैरी उद्गम स्थल में पर्यटन और जल संरक्षण की अपार संभावनाएं हैं। यदि संबंधित विभाग निम्न कार्य करें, तो यह स्थल एक प्रमुख पर्यटन केंद्र बन सकता है:
- पर्यटन विभाग द्वारा सूचना और दिशा संकेतक बोर्ड लगाना
- जल संसाधन विभाग द्वारा उद्गम स्थल की जानकारी वाला बोर्ड स्थापित करना
- मार्ग और सीढ़ियों की मरम्मत व साफ-सफाई
- स्थल का संरक्षण और सौंदर्यीकरण
भाठीगढ़ पैरी उद्गम केवल एक नदी का जन्म स्थान नहीं, बल्कि गरियाबंद जिले की पहचान और जल संसाधन का आधार है। इतनी महत्वपूर्ण धरोहर पर पर्यटन विभाग और जल संसाधन विभाग के पास लगाने को एक सूचना बोर्ड तक नहीं होना चिंता का विषय है।
अब आवश्यकता है कि संबंधित विभाग इस स्थल के महत्व को समझते हुए यहां स्थायी सूचना बोर्ड और मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराएं, ताकि आने वाली पीढ़ियां इस प्राकृतिक धरोहर के महत्व को समझ सकें।


