25 हजार रुपये के बकाया बिल के बीच 15 हजार रुपये नगद लेने और रसीद नहीं देने का दावा; ऑडियो रिकॉर्डिंग होने की बात कही, बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
मैनपुर क्षेत्र में इन दिनों बिजली विभाग द्वारा बकाया बिलों की वसूली अभियान तेज कर दिया गया है। इसी बीच नगर के बस स्टैंड स्थित साहू होटल के संचालक गुलशन साहू ने बिजली विभाग के एक अधिकारी और उनकी टीम पर गंभीर आरोप लगाए हैं। दुकानदार का दावा है कि बकाया बिजली बिल के मामले में कार्रवाई के दौरान उनसे 15 हजार रुपये नगद लिए गए, लेकिन तीन दिन बाद भी न तो रसीद दी गई और न ही बिजली कनेक्शन बहाल किया गया।
दुकानदार के अनुसार, उनकी दुकान जिस परिसर में संचालित है, वहां लगा बिजली कनेक्शन उपभोक्ता क्रमांक 1001352762 के नाम पर है। यह कनेक्शन स्वर्गीय प्रकाश साहू, पिता बिरझू राम साहू के नाम दर्ज है। संबंधित कनेक्शन पर लगभग 25,071.10 रुपये का बकाया बिल बताया गया था।
JE शेखर चौधरी और टीम पर गंभीर आरोप
गुलशन साहू का आरोप है कि 6 अक्टूबर 2026 को बिजली विभाग की टीम, जिसमें अवर अभियंता (JE) शेखर चौधरी भी शामिल थे, वसूली के लिए उनकी दुकान पहुंची। दुकानदार का दावा है कि इस दौरान बिजली चोरी के मामले में पुलिस कार्रवाई और जेल भेजने की धमकी दी गई।
दुकानदार का कहना है कि डर के कारण उन्होंने विभागीय टीम को 15 हजार रुपये नगद दिए, लेकिन अब तक उन्हें भुगतान की कोई रसीद नहीं मिली है। उनका यह भी आरोप है कि भुगतान के बाद भी दुकान का बिजली कनेक्शन नहीं जोड़ा गया।
ऑडियो रिकॉर्डिंग होने का दावा
गुलशन साहू ने दावा किया है कि उनके पास मोबाइल पर हुई बातचीत की ऑडियो रिकॉर्डिंग मौजूद है। दुकानदार के अनुसार, रिकॉर्डिंग में कथित रूप से यह कहा गया कि 15 हजार रुपये देने के बाद उनके खिलाफ बिजली संबंधी कोई कार्रवाई नहीं होगी।
किराएदार होने का दावा, मीटर किसी और के नाम
दुकानदार का कहना है कि वह केवल किराए के कमरे में दुकान संचालित कर रहे हैं और जिस व्यक्ति के नाम पर बिजली कनेक्शन है, उनका पहले ही निधन हो चुका है। दुकानदार ने यह भी बताया कि संपत्ति से जुड़े लोगों द्वारा पूर्व में बिजली विभाग को किस्तों में भुगतान का प्रस्ताव दिया गया था, लेकिन इस दिशा में कोई समाधान नहीं निकल पाया।
बिजली विभाग की प्रक्रिया पर सवाल

यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब प्रदेश में स्मार्ट मीटर, बकाया वसूली और बिजली उपभोक्ताओं की शिकायतें चर्चा का विषय बनी हुई हैं। छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी उपभोक्ताओं के लिए बिल भुगतान, शिकायत और नाम परिवर्तन जैसी कई सुविधाएं उपलब्ध कराती है।
अब सवाल यह उठ रहा है कि यदि किसी उपभोक्ता से नगद राशि ली गई है, तो क्या उसका विधिवत रसीद जारी की गई? यदि नहीं, तो विभाग को मामले की जांच कर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
जांच की मांग
दुकानदार गुलशन साहू ने मामले की निष्पक्ष जांच कर संबंधित तथ्यों की पुष्टि करने और जिम्मेदार व्यक्तियों पर कार्रवाई की मांग की है। वहीं बिजली विभाग का पक्ष इस संबंध में सामने आना बाकी है।
हलाकि वर्तमान में GE S.K. BANJAARE इस समय छुट्टी पर है और सम्पूर्ण प्रभार शेखर चौधरी को दिया गया है इसी बीच तीन दिन पहले शेखर चौधरी के द्वारा अपने बचाव पक्ष से पहले ही स्थल निरक्षण कर पंचनामा तैयार कर विडिओग्राफी भी की गई है इसके बाद लगातार पैसे की मांग करता रहा नहीं देने पर जेल दाखिल कराने की धमकी देता रहा तभी दुकान संचालक के द्वारा 15000 रुपये नगद राशि उनके द्वारा शेखर चौधरी के हाथ में दिया गया।
सवाल यही नहीं की आज के युवा बेरोजगार नसे की लत में बर्बाद हो रहे है और जब गुलशन साहू के ऊपर अपने परिवार के भरण पोषण की जिम्मेदारी अपने कंधे पर लिया और सुबह से लेकर देर रात तक होटल संचालन कर अपने परिवार का भरण पोषण कर रहा है ,आज के इस महगाई के दौर पर रोजी रोटी कमाना मुश्किल ही नहीं नामुनकिन होता चला जा रहा है वैसे में अचानक से बिजली विभाग के JE शेखर चौधरी द्वारा जेल भेजवाने की धमकी देकर 15000 रुपये ले लिया गया
क्या बिजली विभाग के बिल भुक्तान करने की किसी प्रकार से माफदंड है या फिर डरा धमका कर रुपयों की वसूली की जा रही है। 
चुकी इस मामले को लेकर 03 दिन बीत चुके है मगर अब तक होटल संचालक का न ही बिजली बहाल की गई है न ही उन्हें किसी प्रकार की बिल की रशीद दी गई है , अब देखना यह होगा विभाग इस पर क्या कार्यवाही करती है आने वाले दिनों में ग्रामीण क्षेत्रो में पैसे की लेन को लेकर बड़े खुलासे का इंतजार है
नोट: इस रिपोर्ट में उल्लेखित आरोप दुकानदार गुलशन साहू के कथनों पर आधारित हैं। बिजली विभाग, संबंधित जेई शेखर चौधरी तथा विभागीय अधिकारियों का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।



