प्रबंधन को पहले दिया था अल्टीमेटम, समाधान नहीं होने का आरोप; पुस्तकालय, पेयजल, शौचालय और सुरक्षा सहित मूलभूत सुविधाओं की मांग
देवभोग। पंडित श्यामशंकर मिश्र महाविद्यालय देवभोग में मूलभूत सुविधाओं की कमी और विभिन्न समस्याओं के निराकरण की मांग को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने मोर्चा खोल दिया है। कॉलेज प्रबंधन को दिन पहले अल्टीमेटम देने के बावजूद मांगों पर ठोस कार्यवाही नहीं होने का आरोप लगाते हुए विद्यार्थी परिषद के जिला संयोजक क्षितिज नारायण तिवारी के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने महाविद्यालय का घेराव किया। प्रदर्शन के दौरान पुलिस प्रशासन ने कार्यकर्ताओं को समझाइश देकर शांत कराने का प्रयास किया, लेकिन विद्यार्थी अपनी मांगों पर अड़े रहे। हम अपना अधिकार मांगते नहीं किसी से भीख मांगते जैसे नारो से किया पुलिस की समझाइश का खुल कर विरोध।
पुलिस की समझाइश के बाद भी नहीं माने विद्यार्थी
महाविद्यालय परिसर में घेराव के दौरान पुलिस प्रशासन ने विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं को समझाकर आंदोलन समाप्त कराने का प्रयास किया। हालांकि, प्रदर्शनकारियों का कहना था कि महाविद्यालय में लंबे समय से मूलभूत सुविधाओं की कमी बनी हुई है। पूर्व तीन दिन ज्ञापन पहले देने और अल्टीमेटम के बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं होने के कारण उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा है। विद्यार्थियों ने स्पष्ट किया कि जब तक मांगों के निराकरण की दिशा में ठोस पहल नहीं होती, लिखित आश्वासन नहीं मिलती तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
प्राचार्य के सामने रखीं समस्याएं, बातचीत के बाद भी नहीं बनी सहमति
प्रदर्शन के दौरान महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. वीणा ठाकुर मौके पर पहुंचीं। इसके बाद विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं और प्राचार्य के बीच मांगों को लेकर बातचीत हुई। काफी देर तक चली चर्चा के बाद कार्यकर्ताओं ने अपनी समस्याएं और मांगें प्राचार्य के सामने रखीं। हालांकि, बातचीत के दौरान मांगों के निराकरण को लेकर कोई ठोस सहमति नहीं बन पाई।
इसके बाद विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता महाविद्यालय परिसर में ही बैठ गए और विरोध प्रदर्शन जारी रखा। परिषद का आरोप है कि विद्यार्थियों को लंबे समय से आवश्यक सुविधाओं की कमी का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन अब तक समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है।
10 सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन
विद्यार्थी परिषद ने महाविद्यालय में विद्यार्थियों की सुविधाओं और बेहतर शैक्षणिक वातावरण से जुड़ी 10 प्रमुख मांगें रखी हैं। इनमें शामिल हैं:
- महाविद्यालय के पुस्तकालय में पर्याप्त पुस्तकों की व्यवस्था।
- स्वच्छ पेयजल के लिए वाटर कूलर की सुविधा।
- शौचालयों की मरम्मत और नियमित साफ-सफाई।
- दोपहिया वाहनों के लिए व्यवस्थित पार्किंग।
- विद्यार्थियों के साथ कथित दुर्व्यवहार की शिकायतों पर कार्रवाई।
- राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) इकाई को पुनः शुरू करना।
- सुरक्षा व्यवस्था के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाना।
- परिसर में गुटखा खाकर थूकने पर रोक लगाने के लिए उचित व्यवस्था।
- कक्षाओं में पर्याप्त टेबल-कुर्सियों की उपलब्धता।
- खराब पंखों की मरम्मत और आवश्यकतानुसार व्यवस्था दुरुस्त करना।
विद्यार्थी परिषद का कहना है कि इन मांगों का उद्देश्य महाविद्यालय में विद्यार्थियों को जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराना और पढ़ाई के लिए बेहतर माहौल सुनिश्चित करना है।
उच्च अधिकारी के आने तक परिसर में डटे रहने का ऐलान
ABVP कार्यकर्ताओं ने साफ कहा कि केवल समझाइश या आश्वासन से आंदोलन समाप्त नहीं होगा। जब तक कोई उच्च अधिकारी मौके पर पहुंचकर समस्याओं के समाधान के लिए ठोस पहल नहीं करता, तब तक वे महाविद्यालय परिसर से नहीं उठेंगे।


