गरियाबंद। गरियाबंद जिले में नक्सल उन्मूलन अभियान के तहत सुरक्षा बलों को एक बड़ी सफलता मिली है। सीआरपीएफ की 65वीं वाहिनी और छत्तीसगढ़ पुलिस के संयुक्त अभियान में मैनपुर थाना क्षेत्र के डडईपानी जंगल से नक्सलियों द्वारा छिपाकर रखा गया एक परित्यक्त डम्प बरामद किया गया है। डम्प से भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री, हथियार और अन्य सामान जब्त किए गए हैं, जिन्हें सुरक्षा बलों ने निष्क्रिय कर दिया है।
खुफिया सूचना के आधार पर 11 जून को कुल्हारीघाट स्थित एफ/65 बटालियन सीआरपीएफ द्वारा विशेष क्षेत्र प्रभुत्व एवं सर्च अभियान शुरू किया गया। यह अभियान कुल्हारीघाट कैम्प से लगभग 10 किलोमीटर उत्तर-पूर्व दिशा में स्थित दंद्रईपानी जंगल क्षेत्र में चलाया गया।
सर्च ऑपरेशन के दौरान 12 जून को दोपहर करीब 12:25 बजे जवानों को जंगल में नक्सलियों द्वारा परित्यक्त एक संदिग्ध डम्प मिला। इसके बाद बम डिटेक्शन एवं डिस्पोजल स्क्वाड (BDDS) की टीम को मौके पर बुलाकर क्षेत्र की गहन जांच कराई गई। जांच में डम्प में बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री और हथियार छिपाए जाने की पुष्टि हुई।
सुरक्षा बलों ने डम्प से लगभग 4 किलोग्राम का प्रेशर आईईडी, 5 किलोग्राम का कुकर आईईडी, एक भरमार रायफल, इंटरसेप्टर, यूबीजीएल राउंड, रायफल मैगजीन, कमर्शियल कोडेक्स वायर, गन पाउडर, पटाखे, दवाइयां तथा दैनिक उपयोग की सामग्री बरामद की है।
अधिकारियों के अनुसार नक्सलियों द्वारा पूर्व में छिपाई गई यह सामग्री सुरक्षा बलों और आम नागरिकों के लिए गंभीर खतरा बन सकती थी। समय रहते डम्प की बरामदगी और विस्फोटकों के निष्क्रियकरण से एक संभावित बड़ी दुर्घटना को टाल दिया गया है।
सुरक्षा बलों का कहना है कि गरियाबंद जिले में लगातार चलाए जा रहे नक्सल विरोधी अभियानों के कारण नक्सली संगठन की गतिविधियां लगभग समाप्त हो चुकी हैं। अब अभियान का मुख्य उद्देश्य नक्सलियों द्वारा छोड़े गए हथियारों, विस्फोटकों और डम्पों को खोजकर पूरी तरह नष्ट करना है, ताकि क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और विकास को और अधिक मजबूती मिल सके।
सीआरपीएफ और राज्य पुलिस के समन्वित प्रयासों से गरियाबंद जिले में नक्सल नेटवर्क को लगातार कमजोर किया जा रहा है। सुरक्षा बलों ने स्पष्ट किया है कि क्षेत्र को नक्सलियों के अवशेष प्रभाव से पूरी तरह मुक्त करने तक अभियान लगातार जारी रहेगा।



खुफिया सूचना के आधार पर 11 जून को कुल्हारीघाट स्थित एफ/65 बटालियन सीआरपीएफ द्वारा विशेष क्षेत्र प्रभुत्व एवं सर्च अभियान शुरू किया गया। यह अभियान कुल्हारीघाट कैम्प से लगभग 10 किलोमीटर उत्तर-पूर्व दिशा में स्थित दंद्रईपानी जंगल क्षेत्र में चलाया गया।