नए एसडीएम लोकांस एल्मा के पदभार ग्रहण से जगी उम्मीदें, ग्रामीणों को राहत की आस
मैनपुर क्षेत्र में राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली इन दिनों गहरे सवालों के घेरे में है। विभागीय स्तर पर हो रही लगातार त्रुटियों और मामलों के समय पर निराकरण न होने के कारण जमीन से जुड़े विवाद तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। हालात ऐसे बन गए हैं कि छोटे-छोटे राजस्व विवाद भी अब बढ़ते-बढ़ते सीधे थानों तक पहुंच रहे हैं, जबकि नियमों के मुताबिक इनका समाधान प्राथमिक स्तर पर ही राजस्व विभाग द्वारा कर दिया जाना चाहिए।
एक ही जमीन के खड़े हो रहे कई दावेदार
स्थानीय नागरिकों ने बताया कि भूमि सीमांकन, नामांतरण, बंटवारा और राजस्व अभिलेखों में सुधार जैसे सामान्य कार्यों में बार-बार गड़बड़ियां सामने आ रही हैं। इन गलतियों के कारण स्थिति यह बन जाती है कि एक ही जमीन पर कई दावेदार खड़े हो जाते हैं। इससे लोगों के बीच आपसी तनाव बढ़ता है और कई मामलों में विवाद गंभीर रूप ले लेते हैं। यदि इन मामलों का समय रहते निराकरण किया जाए, तो ऐसे विवादों को प्रारंभिक स्तर पर ही समाप्त किया जा सकता है।
महीनों से चक्कर काटने को मजबूर ग्रामीण
ग्रामीणों का कहना है कि राजस्व अभिलेखों में गड़बड़ी और लंबित मामलों के कारण उन्हें महीनों तक तहसील कार्यालय और राजस्व विभाग के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। दूरदराज के गांवों से आने वाले लोगों को बार-बार कार्यालय पहुंचना पड़ता है, जिससे उनका समय, श्रम और आर्थिक संसाधन लगातार बर्बाद हो रहे हैं। कई लोगों का आरोप है कि आवेदन देने के बाद भी सुनवाई में भारी देरी होती है, जिससे उनकी समस्याएं लंबे समय तक अनसुलझी रह जाती हैं। प्रशासनिक जानकारों का भी मानना है कि यदि राजस्व विभाग द्वारा मामलों का समयबद्ध और त्रुटिरहित निराकरण सुनिश्चित किया जाए, तो अधिकांश विवाद शुरू में ही खत्म हो सकते हैं। इससे न केवल आम जनता को राहत मिलेगी, बल्कि पुलिस और प्रशासन पर भी अनावश्यक दबाव कम होगा।
नए एसडीएम से बंधी उम्मीदें
इसी बीच मैनपुर क्षेत्र में हाल ही में नए अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) लोकांस एल्मा के पदभार ग्रहण करने के बाद क्षेत्रवासियों की उम्मीदें एक बार फिर बढ़ गई हैं। लंबे समय से राजस्व मामलों में हो रही त्रुटियों और लंबित प्रकरणों से जूझ रही जनता को अब नई प्रशासनिक कार्यशैली से राहत मिलने की आस है। ग्रामीणों का मानना है कि यदि नए एसडीएम द्वारा राजस्व मामलों की नियमित समीक्षा और समयबद्ध निराकरण की दिशा में ठोस कदम उठाए जाते हैं, तो वर्षों से लंबित विवादों का समाधान संभव हो सकता है।
अब देखना यह होगा कि एसडीएम लोकांस एल्मा की कार्यप्रणाली किस हद तक राजस्व विभाग की व्यवस्थाओं में सुधार ला पाती है और क्या उनकी पहल से ग्रामीण एवं क्षेत्रवासियों की उम्मीदों पर प्रशासन खरा उतर पाता है। फिलहाल, क्षेत्र की जनता नए एसडीएम से त्वरित कार्रवाई और पारदर्शी कार्यशैली की अपेक्षा लगाए बैठी है, जिससे बढ़ते विवादों पर अंकुश लग सके और लोगों को बार-बार तहसील के चक्कर लगाने से राहत मिल सके।


