मैनपुर |गरियाबंद जिले के मैनपुर क्षेत्र के ग्राम भाटीगढ़ में दशहरा पर्व को लेकर उत्साह और उल्लास का माहौल रहा। गांव में मेले जैसी रौनक देखने को मिली। धार्मिक आस्था, ग्रामीण परंपराओं और उत्सव के रंगों ने पर्व को खास बना दिया। भाटीगढ़ की पहचान केवल दशहरा उत्सव तक सीमित नहीं है, बल्कि यहां स्थित प्रसिद्ध पैरी नदी उद्गम स्थल भी इस क्षेत्र को धार्मिक और प्राकृतिक दृष्टि से विशेष पहचान देता है। मैनपुर मुख्यालय से लगभग 3 किलोमीटर दूर स्थित यह पहाड़ी क्षेत्र श्रद्धालुओं और प्रकृति प्रेमियों के आकर्षण का केंद्र है।
दशहरा पर गांव में दिखी मेले जैसी रौनक
विजयादशमी का पर्व बुराई पर अच्छाई और अधर्म पर धर्म की जीत का प्रतीक है। भाटीगढ़ में इस अवसर पर उत्सवी माहौल रहा। गांव में लोगों की चहल-पहल और पर्व को लेकर उत्साह ने दशहरा को यादगार बनाया। ग्रामीण अंचलों में ऐसे आयोजन धार्मिक परंपराओं को जीवित रखने के साथ लोगों को आपस में जोड़ने का काम करते हैं।
दशहरा भगवान श्रीराम की रावण पर विजय की स्मृति में मनाया जाता है। यह पर्व अहंकार, अन्याय और बुराइयों को त्यागकर सत्य, मर्यादा और सदाचार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।
पैरी नदी का उद्गम स्थल भाटीगढ़ की खास पहचान
स्थानीय लोकमान्यताओं के अनुसार, इस उद्गम स्थल का धार्मिक महत्व भी काफी पुराना है। नवरात्रि सहित विभिन्न धार्मिक अवसरों पर यहां श्रद्धालु पहुंचते हैं। भाटीगढ़ की पहाड़ी, आसपास के जंगल और प्राकृतिक वातावरण इस क्षेत्र को धार्मिक आस्था के साथ पर्यटन की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण बनाते हैं।
पैरी नदी आगे चलकर राजिम क्षेत्र में महानदी और सोंढूर नदी के संगम से जुड़े नदी तंत्र का हिस्सा बनती है। इस लिहाज से भाटीगढ़ केवल एक गांव नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की महत्वपूर्ण नदी के उद्गम से जुड़ा विशिष्ट स्थल भी है।
भाटीगढ़ स्थित पैरी उद्गम स्थल को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने की मांग भी समय-समय पर उठती रही है। वर्ष 2026 में इस स्थल के सौंदर्यीकरण और पर्यटन सुविधाओं के विकास को लेकर सकारात्मक पहल की खबरें सामने आई थीं। इससे स्थानीय क्षेत्र में पर्यटन की संभावनाओं को लेकर उम्मीद बढ़ी है।
यदि यहां पहुंचने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए साफ-सफाई, पेयजल, सुरक्षा और अन्य बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाया जाए, तो यह स्थल धार्मिक पर्यटन के साथ स्थानीय रोजगार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा दे सकता है।
दशहरा देता है सामाजिक एकता का संदेश
दशहरा पर्व का महत्व केवल उत्सव मनाने तक सीमित नहीं है। यह लोगों को आपसी प्रेम, भाईचारे और सद्भाव के साथ रहने की प्रेरणा देता है। भाटीगढ़ में दशहरा के अवसर पर दिखा उत्साह और मेले जैसा माहौल ग्रामीण जीवन की जीवंतता तथा परंपराओं के प्रति लोगों के जुड़ाव को दर्शाता है।
भाटीगढ़ की पहचान एक ओर दशहरा जैसे पारंपरिक उत्सवों से जुड़ी है, तो दूसरी ओर पैरी नदी उद्गम स्थल जैसी प्राकृतिक और धार्मिक धरोहर से भी है। यही विशेषताएं इस गांव को मैनपुर क्षेत्र में अलग पहचान देती हैं।




