रिपोर्ट |पन्नू नेताम गरियाबंद
महिलाओं और मितानिन दीदियों ने उत्साहपूर्वक लिया हिस्सा, प्राचार्य धर्मेंद्र ठाकुर ने विद्यालय की नवाचारी पहल की सराहना की
दर्रीपारा (गरियाबंद)। विकासखंड गरियाबंद के अंतर्गत शासकीय प्राथमिक शाला बोईरगांव, संकुल केंद्र दर्रीपारा में रंगोली प्रतियोगिता का आयोजन उत्साह, उमंग और रचनात्मकता के वातावरण में किया गया। प्रतियोगिता में गांव की माताओं, बहनों एवं मितानिन दीदियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अपनी कलात्मक प्रतिभा का सुंदर प्रदर्शन किया। इस आयोजन के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को अपनी कला और रचनात्मक कौशल प्रदर्शित करने का अवसर मिला। प्रतियोगिता में कुमारी प्रियंका ध्रुव ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि कुमारी उर्मिला विश्वकर्मा द्वितीय और कुमारी बबीता यादव तृतीय स्थान पर रहीं।
अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति में हुआ आयोजन
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय दर्रीपारा के प्राचार्य श्री धर्मेंद्र ठाकुर तथा विशिष्ट अतिथि पूर्व जनपद सदस्य श्री भोलाराम ध्रुव रहे। अतिथियों की उपस्थिति में प्रतियोगिता संपन्न हुई। आयोजन में ग्रामीणों और विद्यालय परिवार की सहभागिता ने कार्यक्रम को विशेष रूप से सफल बनाया। रंगोली प्रतियोगिता के माध्यम से प्रतिभागियों ने अपनी रचनात्मक सोच और कलात्मक अभिव्यक्ति का परिचय दिया।
प्रियंका ध्रुव ने हासिल किया प्रथम स्थान
प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। अपनी उत्कृष्ट प्रस्तुति के आधार पर कुमारी प्रियंका ध्रुव ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। वहीं कुमारी उर्मिला विश्वकर्मा ने द्वितीय तथा कुमारी बबीता यादव ने तृतीय स्थान हासिल किया। विजेताओं की उपलब्धि पर उपस्थित लोगों ने प्रसन्नता व्यक्त की। प्रतियोगिता ने प्रतिभागियों को अपनी प्रतिभा निखारने और आपसी सहभागिता बढ़ाने का अवसर प्रदान किया।
प्राचार्य धर्मेंद्र ठाकुर ने की पहल की सराहना
मुख्य अतिथि श्री धर्मेंद्र ठाकुर ने विद्यालय द्वारा की गई इस नवाचारी पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि विद्यालय में इस प्रकार के आयोजन शिक्षा को समाज से जोड़ने और समुदाय की भागीदारी बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे कार्यक्रमों से लोगों में रचनात्मकता, सहयोग और सामाजिक सहभागिता की भावना मजबूत होती है। उन्होंने विद्यालय परिवार को भविष्य में भी इसी तरह की सकारात्मक पहल जारी रखने के लिए प्रेरित किया।
श्री ठाकुर ने समावेशी शिक्षा के महत्व पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने सभी को शिक्षा के प्रति जागरूक रहने और प्रत्येक बच्चे को शिक्षा के समान अवसर उपलब्ध कराने के लिए मिलकर प्रयास करने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षा के विकास में विद्यालय, अभिभावकों और समाज की सामूहिक भूमिका महत्वपूर्ण होती है।
विद्यालय और ग्रामीणों की सहभागिता से सफल हुआ आयोजन
रंगोली प्रतियोगिता में गांव की माताओं, बहनों एवं मितानिन दीदियों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। इस तरह के आयोजन विद्यालय और ग्रामीण समुदाय के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने में सहायक होते हैं। साथ ही स्थानीय प्रतिभाओं को आगे आने और अपनी रचनात्मक क्षमता प्रदर्शित करने का अवसर भी मिलता है। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने आयोजन की सराहना की।
इनकी रही सहभागिता
कार्यक्रम के सफल आयोजन में रेणुका यादव, संतोषी देवांशी,नंदनी देवंशी,सपना गनवीर,चंद्रप्रकाश विश्वकर्मा, कुमारी रागनी ध्रुव, चंदूलाल देवांशी, भुवनेश्वर ध्रुव, रुद्र कुमार ध्रुव, टिकेश ध्रुव, मुकेश कुमार ध्रुव एवं हेमंत ध्रुव सहित अन्य लोगों की सहभागिता रही।
कार्यक्रम के अंत में शासकीय प्राथमिक शाला बोईरगांव के प्रधानपाठक श्री चोवालाल साहू एवं शिक्षिका श्रीमती शिवबती ध्रुव ने आयोजन को सफल बनाने में सहयोग देने वाले मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथि, सभी प्रतिभागियों, ग्रामीणों एवं उपस्थित जनों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने सभी के सहयोग को कार्यक्रम की सफलता का महत्वपूर्ण आधार बताया।
विद्यालय में आयोजित इस रंगोली प्रतियोगिता ने रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से सामाजिक सहभागिता और शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने का संदेश दिया।



