सेवा संकल्प अभियान के तहत त्रिवेणी संगम में भव्य आयोजन, सात पुरोहितों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ की आरती; स्वच्छता और जल संरक्षण का दिया संदेश
गरियाबंद। राजिम के पवित्र त्रिवेणी संगम में शुक्रवार, 9 अक्टूबर को महानदी तट पर आस्था, लोक संस्कृति और पर्यावरण संरक्षण का अनूठा संगम देखने को मिला। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आयोजित भव्य महानदी गंगा आरती और सांस्कृतिक संध्या में सात पुरोहितों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ आरती संपन्न कराई। वहीं, छत्तीसगढ़ की युवा लोक कलाकार आरु साहू की छत्तीसगढ़ी लोकगीतों से सजी प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। दीपों की आभा, वैदिक मंत्रों की गूंज और लोक संगीत की धुनों से महानदी का तट भक्तिमय हो उठा।
कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और बड़ी संख्या में नागरिकों ने सहभागिता की। आयोजन का उद्देश्य धार्मिक आस्था को जनभागीदारी से जोड़ने के साथ नदी घाटों की स्वच्छता, जल संरक्षण और छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति को प्रोत्साहित करना रहा।
सात पुरोहितों के मंत्रोच्चार से भक्तिमय हुआ त्रिवेणी संगम
महानदी तट पर आयोजित आरती से पहले घाट और आसपास के क्षेत्र की साफ-सफाई की गई। इसके बाद शाम को सात पुरोहितों ने पारंपरिक विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ महानदी गंगा आरती कराई। आरती के दौरान श्रद्धालुओं ने सहभागिता की और पूरा घाट आध्यात्मिक वातावरण में डूबा नजर आया।
आयोजन के जरिए लोगों को यह संदेश दिया गया कि नदियां केवल धार्मिक आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि जीवन, पर्यावरण और प्राकृतिक संतुलन का भी महत्वपूर्ण आधार हैं। नदी घाटों को स्वच्छ रखना और जल स्रोतों को प्रदूषण से बचाना प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है।
आरु साहू की प्रस्तुतियों पर झूमे दर्शक
गंगा आरती के बाद आयोजित सांस्कृतिक संध्या में सुप्रसिद्ध युवा छत्तीसगढ़ी लोक कलाकार आरु साहू ने अपनी टीम के साथ आकर्षक प्रस्तुतियां दीं। उनके भक्तिमय छत्तीसगढ़ी लोकगीतों ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों का मन मोह लिया। लोक संगीत और भक्ति से सराबोर प्रस्तुतियों के दौरान दर्शकों में खासा उत्साह देखने को मिला।
सांस्कृतिक कार्यक्रम ने छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक परंपरा और संगीत विरासत को मंच प्रदान किया। धार्मिक आयोजन के साथ लोक संस्कृति की प्रस्तुति ने कार्यक्रम को विशेष आकर्षण दिया।
विधायक रोहित साहू सहित जनप्रतिनिधि और अधिकारी रहे मौजूद
कार्यक्रम में राजिम विधायक रोहित साहू, छत्तीसगढ़ भंडार गृह निगम के अध्यक्ष चंदूलाल साहू, जिला पंचायत अध्यक्ष गौरीशंकर कश्यप, नगर पालिका राजिम के अध्यक्ष महेश यादव, नगर पंचायत कोपरा के अध्यक्ष रूपनारायण साहू, पूर्व विधायक संतोष उपाध्याय, जनपद उपाध्यक्ष सतीश यादव, सभापति शिवांगी चतुर्वेदी, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष श्वेता शर्मा, वरिष्ठ नागरिक अनिल चंद्राकर और आशीष शर्मा उपस्थित रहे।
प्रशासनिक अधिकारियों में कलेक्टर रणबीर शर्मा, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रखर चंद्राकर, अपर कलेक्टर ऋषा ठाकुर, जल संसाधन विभाग के अधीक्षण अभियंता एस.के. बर्मन और एसडीएम विशाल महाराणा सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी भी शामिल हुए।
आस्था के साथ स्वच्छता और जल संरक्षण पर जोर
सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आयोजित इस कार्यक्रम ने धार्मिक आस्था को पर्यावरण संरक्षण के संदेश से जोड़ा। लोगों को नदी में कचरा और प्लास्टिक नहीं फेंकने, घाटों की स्वच्छता बनाए रखने तथा जल स्रोतों को प्रदूषण से बचाने के लिए प्रेरित किया गया।
आयोजन का संदेश स्पष्ट रहा कि महानदी जैसे प्राकृतिक और धार्मिक महत्व वाले स्थलों का संरक्षण केवल प्रशासन के भरोसे नहीं छोड़ा जा सकता। इसके लिए नागरिकों की सक्रिय भागीदारी और सामूहिक जिम्मेदारी जरूरी है। राजिम के त्रिवेणी संगम में आयोजित यह धार्मिक एवं सांस्कृतिक संध्या आस्था, लोक परंपरा और पर्यावरण जागरूकता के साझा संदेश के साथ संपन्न हुई।






