कल जिला प्रशासन पहुंचाएगा सरकार को गांव की चौखट तक, ग्रामीण सीधे अधिकारियों के सामने रख सकेंगे अपनी समस्याएं
गरियाबंद। जिले के बिंद्रानवागढ़ विधानसभा क्षेत्र से बड़ी खबर सामने आ रही है। बिंद्रानवागढ़ विधायक जनक राम ध्रुव के गांव में कल जिला प्रशासन की ओर से जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया जाएगा। दूरस्थ और वनांचल क्षेत्रों में रहने वाले ग्रामीणों तक प्रशासनिक सेवाएं पहुंचाने के उद्देश्य से आयोजित इस शिविर में विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहेंगे।
जनसमस्या निवारण शिविर का मकसद ग्रामीणों को अपनी छोटी-बड़ी समस्याओं के लिए जिला मुख्यालय अथवा ब्लॉक कार्यालय के चक्कर लगाने से राहत देना है। प्रशासनिक अधिकारी गांव में ही लोगों की समस्याएं सुनेंगे और संबंधित विभागों के माध्यम से उनके निराकरण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
विधायक के गांव में प्रशासन का डेरा, ग्रामीणों को बड़ी उम्मीद
बिंद्रानवागढ़ क्षेत्र का बड़ा हिस्सा वनांचल और दूरस्थ ग्रामीण इलाकों में आता है। ऐसे क्षेत्रों के ग्रामीणों के लिए जिला मुख्यालय तक पहुंचना आसान नहीं होता। ऐसे में गांव में ही जनसमस्या निवारण शिविर लगाए जाने से ग्रामीणों को अपनी समस्याएं सीधे अधिकारियों के सामने रखने का अवसर मिलेगा।
विधायक जनक ध्रुव इससे पहले भी वनांचल के दुर्गम गांवों तक पहुंचकर ग्रामीणों की समस्याएं सुनते रहे हैं। मई 2026 में उन्होंने मोटरसाइकिल से वनांचल के कई गांवों का दौरा कर ग्रामीणों से सीधे संवाद किया था।
सड़क, बिजली, पानी से लेकर राशन-पेंशन तक उठेंगे मुद्दे
शिविर में ग्रामीण अपने क्षेत्र से जुड़ी विभिन्न समस्याओं को अधिकारियों के सामने रख सकते हैं। इनमें सड़क, पुल-पुलिया, बिजली, पेयजल, राशन, पेंशन, आवास, वनाधिकार, राजस्व प्रकरण, स्वास्थ्य, शिक्षा और कृषि से जुड़े मामले प्रमुख हो सकते हैं।
ऐसे शिविरों में अलग-अलग विभागों के स्टॉल लगाकर ग्रामीणों से आवेदन लेने और पात्र हितग्राहियों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने की व्यवस्था की जाती है। अप्रैल 2026 में आमामोरा में आयोजित जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर में 14 आवेदन प्राप्त हुए थे और सभी का मौके पर निराकरण किए जाने की जानकारी प्रशासनिक रिपोर्ट में दी गई थी।
अब सवाल—कितनी समस्याओं का होगा मौके पर समाधान?
जनसमस्या निवारण शिविर को लेकर ग्रामीणों में उम्मीद जरूर है, लेकिन असली परीक्षा आवेदन लेने के बाद उनके निराकरण की होगी।
दूरस्थ गांवों में वर्षों से लंबित सड़क, बिजली, पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाओं से जुड़े मामलों को केवल आवेदन लेकर आगे भेजने के बजाय उन पर समयबद्ध कार्रवाई की जरूरत है।
यही वजह है कि कल होने वाले शिविर पर ग्रामीणों के साथ-साथ पूरे क्षेत्र की नजर रहेगी कि कितने आवेदन आते हैं, कितने मामलों का मौके पर समाधान होता है और कितने मामलों को विभागीय स्तर पर लंबित रखा जाता है।
गांव की चौखट पर पहुंचेगा जिला प्रशासन
गरियाबंद जिला प्रशासन द्वारा इससे पहले भी दूरस्थ इलाकों में जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर आयोजित किए गए हैं। आमामोरा जैसे दुर्गम क्षेत्र में आयोजित शिविर में स्वास्थ्य जांच के साथ विभिन्न विभागों के स्टॉल लगाए गए थे और ग्रामीणों को शासन की योजनाओं की जानकारी दी गई थी।
इसी तर्ज पर विधायक जनक ध्रुव के गांव में होने वाला शिविर भी ग्रामीणों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
ग्रामीणों की उम्मीदें बड़ी, अब कार्रवाई का इंतजार
ग्रामीणों का कहना है कि अधिकारी यदि गांव तक पहुंचकर समस्याएं सुन रहे हैं तो इसका वास्तविक लाभ तभी मिलेगा जब समस्याओं का समयबद्ध और जमीन पर दिखाई देने वाला समाधान हो।
अब देखना होगा कि कल लगने वाला जनसमस्या निवारण शिविर ग्रामीणों के लिए सिर्फ आवेदन लेने का मंच बनता है या वास्तव में वर्षों से लंबित समस्याओं के समाधान की शुरुआत करता है।
फिलहाल विधायक के गांव में जिला प्रशासन के पहुंचने से ग्रामीणों की उम्मीदें बढ़ी हैं और अब निगाहें शिविर में होने वाले फैसलों तथा उनके क्रियान्वयन पर टिकी हैं।



