मैनपुर। विकासखंड मैनपुर के विभिन्न गांवों में स्थित प्राचीन एवं धार्मिक स्थलों के जीर्णोद्धार तथा क्षेत्र में मूलभूत सुविधाओं के विकास की मांग को लेकर युवा मोर्चा के पदाधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों ने पर्यटन, संस्कृति, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री राजेश अग्रवाल से मुलाकात की। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने मैनपुर क्षेत्र की समस्याओं से अवगत कराते हुए प्राचीन मंदिरों के जीर्णोद्धार के लिए स्वीकृति प्रदान करने का आग्रह किया। छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से धार्मिक एवं सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण तथा मंदिरों के विकास पर कार्य किए जाने की बात पहले भी सामने आई है।

प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश मंत्री नंदिनी नेम, युवा मोर्चा जिला महामंत्री नंदकिशोर चौबे, जनपद सदस्य कुमारी बाई पटेल तथा युवा मोर्चा नेता गोपी सोनवानी एवं आदिया शामिल रहे।
मैनपुर खुर्द, छोटे गोबरा और तुहामेटा के मंदिरों का प्रस्ताव
मंत्री को सौंपे गए पत्र में मैनपुर विकासखंड के अलग-अलग ग्राम पंचायतों में स्थित प्राचीन धार्मिक स्थलों के जीर्णोद्धार की आवश्यकता बताई गई है। पत्र में कहा गया है कि क्षेत्र के कई प्राचीन धार्मिक स्थल लंबे समय से जीर्ण-शीर्ण स्थिति में हैं और उनके संरक्षण एवं विकास की आवश्यकता है।
पत्र में निम्न मंदिरों के जीर्णोद्धार के लिए राशि की मांग की गई है—
| गांव/ग्राम पंचायत | मंदिर | प्रस्तावित राशि |
|---|---|---|
| मैनपुर खुर्द | शीतला मंदिर जीर्णोद्धार | ₹15 लाख |
| मैनपुर खुर्द | हनुमान मंदिर जीर्णोद्धार | ₹10 लाख |
| मैनपुर खुर्द | प्राचीन शिव मंदिर जीर्णोद्धार | ₹10 लाख |
| छोटे गोबरा | शीतला मंदिर जीर्णोद्धार | ₹7 लाख |
| छोटे गोबरा | शिव मंदिर जीर्णोद्धार | ₹10 लाख |
| तुहामेटा | शीतला मंदिर जीर्णोद्धार | ₹13 लाख |
| तुहामेटा | हनुमान मंदिर जीर्णोद्धार | ₹10 लाख |
इस तरह पत्र में दर्ज सात धार्मिक स्थलों के लिए कुल ₹75 लाख की अनुमानित लागत का उल्लेख किया गया है।
धार्मिक स्थलों के साथ मूलभूत सुविधाओं की भी मांग
प्रतिनिधिमंडल ने क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं से भी मंत्री को अवगत कराया। मैनपुर विकासखंड दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्र होने के कारण यहां धार्मिक स्थलों के संरक्षण के साथ श्रद्धालुओं के लिए आवश्यक सुविधाओं के विकास की मांग भी उठाई गई।
प्रतिनिधिमंडल का कहना है कि प्राचीन मंदिर केवल पूजा-अर्चना के केंद्र नहीं हैं, बल्कि ग्रामीणों की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं से भी जुड़े हुए हैं। इसलिए इनका संरक्षण और जीर्णोद्धार जरूरी है।
सरकार की धार्मिक धरोहर संरक्षण की नीति से जुड़ी मांग
धर्मस्व मंत्री राजेश अग्रवाल ने मई 2026 में छत्तीसगढ़ की धार्मिक एवं सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण और संवर्धन के लिए राज्य सरकार की प्रतिबद्धता की बात कही थी। विभिन्न जिलों में मंदिरों के जीर्णोद्धार और विकास कार्यों के शुभारंभ का भी उल्लेख किया गया था।
ऐसे में मैनपुर क्षेत्र के इन सात प्राचीन मंदिरों के जीर्णोद्धार के लिए सौंपे गए प्रस्ताव पर अब क्षेत्रवासियों की नजर रहेगी। प्रतिनिधिमंडल ने उम्मीद जताई कि शासन स्तर से प्रस्ताव पर सकारात्मक पहल करते हुए आवश्यक स्वीकृति प्रदान की जाएगी।



